एम्स पटना और पीएसआई इंडिया के बीच समझौता, बिहार में परिवार नियोजन को मिलेगी नई दिशा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> एम्स पटना और पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया &lpar;पीएसआई इंडिया&rpar; के बीच परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूत करने के लिए तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ&period; इसके तहत परिवार नियोजन से जुड़े शोध&comma; नए गर्भनिरोधक विकल्प&comma; प्रशिक्षण&comma; मूल्यांकन और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समझौते के तहत एम्स पटना शोध के लिए मूल्यांकन उपकरण और वैज्ञानिक रूपरेखा तैयार करने के साथ डेटा संग्रह एवं विश्लेषण में तकनीकी सहयोग देगा&period; वहीं&comma; पीएसआई इंडिया सरकारी हितधारकों के साथ समन्वय और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहयोग करेगा। दोनों संस्थान फैकल्टी डेवलपमेंट&comma; संस्थागत क्षमता निर्माण और डिजिटल एवं अनुभव आधारित प्रशिक्षण पर भी काम करेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रमों की निगरानी के लिए दोनों संस्थानों की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा होगी। समझौते पर पीएसआई इंडिया के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार शर्मा और एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि यह साझेदारी परिवार नियोजन के क्षेत्र में शोध&comma; नवाचार और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के साथ बिहार में साक्ष्य आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में मदद करेगी&period; इसका उद्देश्य शोध और अनुभव के आधार पर परिवार नियोजन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।<&sol;p>&NewLine;

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