स्वास्थ्य नवाचार को नई दिशा, एम्स पटना और सीआईआई बिहार ने बढ़ाया सहयोग का कदम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत।<&sol;strong> बिहार को स्वास्थ्य नवाचार&comma; मेडटेक उद्यमिता और अनुसंधान आधारित विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एम्स पटना और भारतीय उद्योग परिसंघ &lpar;सीआईआई&rpar; बिहार राज्य परिषद् ने संयुक्त पहल शुरू की है&period; इसी क्रम में सीआईआई बिहार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एम्स पटना एवं एम्स पटना इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन काउंसिल के दौरे पर पहुंचा&comma; जहां स्वास्थ्य नवाचार&comma; स्टार्टअप विकास&comma; ट्रांसलेशनल रिसर्च&comma; कौशल विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन प्रा&period; लि&period; के संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रमोद शर्मा&comma; रूबन पाटलिपुत्र अस्पताल के निदेशक डॉ&period; सत्यजीत कुमार सिंह&comma; जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ&period; रवि शंकर सिंह तथा अनुज डेयरी के प्रबंध निदेशक प्रिंस रंजन ने किया&period; उनके साथ सीआईआई बिहार राज्य परिषद् के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल को एम्स पटना इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन काउंसिल की उपलब्धियों&comma; स्टार्टअप सहायता कार्यक्रमों&comma; नवाचार गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई&period; प्रतिनिधियों ने इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों से संवाद कर नवाचार अवसंरचना का अवलोकन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके बाद आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल&comma; चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; प्रशांत कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक&comma; शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए&period; बैठक में चिकित्सा प्रौद्योगिकी&comma; डिजिटल हेल्थ&comma; कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं&comma; स्टार्टअप मेंटरिंग&comma; कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान सहयोगात्मक प्रयासों से ही संभव है&period; वहीं सीआईआई बिहार के प्रतिनिधियों ने एम्स पटना द्वारा विकसित किए जा रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना करते हुए संयुक्त परियोजनाओं&comma; स्टार्टअप संवर्धन और कौशल विकास कार्यक्रमों पर मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में एपीआईआईसी की प्रधान अन्वेषक एवं ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ&period; क्रांति भावना&comma; सह-प्रधान अन्वेषक डॉ&period; अनिल कुमार&comma; एपीआईआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ&period; मौसमी साहा&comma; डॉ&period; अजीत कुमार&comma; डॉ&period; भास्कर ठाकुरिया&comma; डॉ&period; योगेश कुमार और डॉ&period; कमलेश झा सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे&period; कार्यक्रम का समापन बिहार को स्वास्थ्य नवाचार&comma; मेडटेक उद्यमिता और ट्रांसलेशनल रिसर्च का अग्रणी केंद्र बनाने के साझा संकल्प के साथ हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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