क्रिमिनल कोर्ट की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी तीसरे दिन भी जारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फारबिसगंज&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं द्वारा न्यायार्थियों को सस्ता&comma; सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की मांग को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन एवं एडवोकेट एसोसिएशन के संयुक्त नेतृत्व में न्यायालय परिसर एवं मुख्य द्वार पर अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार एवं न्यायिक प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्षों से फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी क्रिमिनल कोर्ट के संचालन की प्रतीक्षा कर रही है&comma; किंतु अब तक इसका शुभारंभ नहीं हो सका है। इसके कारण आम लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए अनावश्यक समय&comma; धन एवं श्रम व्यय करना पड़ता है।आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं ने मांग की कि नव-निर्मित 10 कोर्ट कक्ष वाले न्यायालय भवन का अविलंब उद्घाटन किया जाए तथा फारबिसगंज में क्रिमिनल कोर्ट का शीघ्र शुभारंभ एवं नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यायालय में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार&comma; सिविल कोर्ट में फ्रैंकिंग मशीन की स्थापना तथा अधिवक्ताओं के लिए वकालतखाना निर्माण हेतु भूमि चिन्हित कर भवन निर्माण कराया जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेशचंद्र वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं&comma; बल्कि अनुमंडल क्षेत्र के लाखों न्यायार्थियों को सस्ता&comma; सुलभ एवं त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायिक सुविधाओं के विस्तार से न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी&comma; बल्कि न्याय व्यवस्था भी अधिक प्रभावी एवं सुगम बनेगी<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फारबिसगंज में क्रिमिनल कोर्ट के कार्यारंभ में लगातार हो रही देरी को लेकर अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश देखने को मिला। न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं आम लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य करते हुए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन लगातार तीन दिनों से करते आ रहे है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>युवा अधिवक्ता राहुल रंजन ने कहा कि फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी आज भी आपराधिक मामलों के लिए अररिया न्यायालय पर निर्भर है&comma; जिससे वादकारियों को अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से क्रिमिनल कोर्ट शुरू करने की मांग की जा रही है&comma; लेकिन अब तक कार्यारंभ नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने सरकार एवं न्यायिक प्रशासन से अविलंब फारबिसगंज में क्रिमिनल कोर्ट का संचालन शुरू करने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना था कि कोर्ट के शुरू होने से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुलभ और प्रभावी बन सकेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपने न्यायिक कार्यों का भी निर्वहन किया और एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद किया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही क्रिमिनल कोर्ट का शुभारम्भ नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>धरना-प्रदर्शन में बार एसोसिएशन एवं एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी <&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस धरना प्रदर्शन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेशचंद्र वर्मा&comma; महासचिव गोपाल प्रसाद मंडल&comma; एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद&comma;राहुल रंजन&comma; राकेश दास&comma; अनिल कुमार सिन्हा&comma; &comma; विजय निराला&comma; मदन लाल गुप्ता&comma;सिराजुद्दीन मंसूरी&comma;कपिल देव मेहता&comma; श्याम सुंदर शर्मा&comma;मो मुसब्बिर आलम&comma; शमशाद अंसारी&comma; सुमन मिश्रा&comma; इमरान आलम&comma; समीर कुमार मणिबिंद&comma;सुमन ठाकुर के अलावे दर्जनों की संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए आंदोलन को मांगों की पूर्ति तक जारी रखने का संकल्प लिया।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

पूर्ववर्ती छात्रों का सम्मान, मंत्री ने छात्रावासों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने का दिया आश्वासन

भगवान बिरसा मुंडा के विचार आज भी प्रासंगिक : दीपक प्रकाश

कैबिनेट का बड़ा फैसला : सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार किसानों को मिलेगा 43 करोड़ का बकाया, मिल चालू होने का रास्ता साफ