उपलब्धि : सदर अस्पताल को मिला डीएनबी कोर्स की मान्यता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon;<&sol;strong> सीमावर्ती व विकास के मामलों में अपेक्षाकृत पिछड़ा माने जाने वाले अररिया जिला को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अब एक नई पहचान मिलने वाली है। सदर अस्पताल अररिया को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज एनबीईएमएस से पोस्ट-एमबीबीएस डिप्लोमा यानी डीएनबी कोर्स की पांच वर्षों की मान्यता जनवरी 2025 से दिसंबर 2029 प्राप्त हुई है। इससे जिले में न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा का विस्तार मिलेगा बल्कि इससे जिले के स्वास्थ्य सेवाओं को भी नया आयाम मिलेगा। इसके तहत बाल रोग पीडियाट्रिक-डीसीएच विभाग में प्रत्येक वर्ष तीन प्रशिक्षु डॉक्टरों को प्रवेश मिलेगा। जो यहीं रहकर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>डीएनबी की मान्यता जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सदर अस्तपाल को एनबीईएमएस से डीएनबी कोर्स की मान्यता प्राप्त होने पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए जिलाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि यह अररिया जिले के लिये गर्व का क्षण है। डीएनबी कोर्स की मान्यता से अब मेडिकल स्नातकों को जिले में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा। इसे जिला स्वास्थ्य विभाग के लिये बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे जिले में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। आम जिलावासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा उपलब्ध होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पीडियाट्रिक विभाग में तीन प्रशिक्षुओं को हर वर्ष मिलेगा प्रवेश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि एनबीईएमएस से प्राप्त मान्यता पत्र के मुताबिक सदर अस्पताल के बाल रोग विभाग में तीन प्रशिक्षित फैकल्टी डॉक्टर को अनुमोदित किया गया है। इसमें डॉ मोईज&comma; डॉ आशुतोष कुमार व डॉ शाकिब अहमद का नाम शामिल है। प्रत्येक वर्ष तीन प्रशिक्षुओं को इस कोर्स में प्रवेश मिलेगा। प्रशिक्षुओं का चयन नीट-पीजी परीक्षा के माध्यम से होगा। उन्होंने कहा कि डीएनबी की मान्यता मिलने से जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डीएनबी के तहत प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराना व एनबीईएमएस के सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराना जिला स्वास्थ्य विभाग की प्रमुखता में शामिल होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रशिक्षुओं को प्रेरणादायक माहौँल उपलब्ध कराने को होगा प्रयास<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने कहा कि जिलाधिकारी के कुशल मार्गदर्शन व सिविल सर्जन व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज व अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय के उत्कृष्ट निर्देशन से ही सदर अस्पताल को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। इसके लिये उन्होंने सदर अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को बेहतरीन प्रशिक्षण व एक प्रेरणादायक माहौल उपलब्ध कराने के लिये अस्पताल प्रबंधन हमेशा प्रयासरत रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नितिश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तख्त पटना साहिब नतमस्तक हुए

हड़ताल से नहीं लौटने वाले भू-राजस्व पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज : मंत्री

मुख्यमंत्री ने जे०पी० गंगा पथ अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का किया निरीक्षण