न्यायालय आदेश की अनदेखी का आरोप, शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेंट विवाद में ब्रोकर दंपती समेत तीन जांच के घेरे में…

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> पटना जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एकतापुरम&comma; भोगीपुर स्थित निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी ग्रीन्स अपार्टमेंट से जुड़ा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है&period; न्यायालय के यथास्थिति आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं&comma; जिसके बाद ब्रोकर दंपती समेत तीन लोगों की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पीड़ित नागेश्वर सिंह स्वराज द्वारा गोपालपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि माननीय न्यायालय&comma; पटना द्वारा पारित स्टेटस क्वो &lpar;यथास्थिति बरकार रखना&rpar; आदेश के बावजूद अपार्टमेंट परिसर में निर्माण कार्य जारी है&period; खासकर ब्लॉक-ए एवं ए-1 के ग्राउंड फ्लोर स्थित कॉमर्शियल एरिया में अवैध निर्माण और गैर-कानूनी तरीके से जुम्बा व फिटनेस क्लास संचालित किए जाने की बात कही गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिकायत के अनुसार&comma; उक्त संपत्ति से जुड़े मामले में लगभग 24 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नीलामी प्रक्रिया अंतिम चरण में है&period; इसके बावजूद परिसर में गतिविधियां जारी रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने मेसर्स रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड&comma; उसके निदेशक मंडल और प्रबंधन के साथ-साथ संपत्ति से जुड़े ब्रोकर धर्मेन्द्र कुमार&comma; सोनी कुमारी एवं निधि तिवारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है&period; आरोप है कि इन लोगों की मिलीभगत से न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ब्रोकरों में से एक का नाम पूर्व में भी विवादों में रहा है&comma; जिसमें एक विधवा महिला के फ्लैट की कथित हेराफेरी कर अवैध बिक्री करने का मामला चर्चा में रहा था। नागेश्वर सिंह स्वराज का कहना है कि वे पारिवारिक कार्य से बिहार से बाहर थे&comma; इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर संपत्ति पर कब्जा और अवैध निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया&period; उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई&comma; तो न्याय व्यवस्था के प्रति आम लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।<&sol;p>&NewLine;

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