केंद्रीय टीबी डिवीजन की दो सदस्यीय टीम ने किया अररिया का दौरा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर &colon;<&sol;strong> राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की समीक्षा को लेकर केंद्रीय क्षय रोग प्रभाग&comma; नई दिल्ली की दो सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अररिया पहुंची। टीम में सीटीडी के ज्वाइंट कमिश्नर डॉ संजय कुमार व टेक्निकल ऑफिसर डॉ शशांक मालवीय शामिल थे। इसके अतिरिक्त डब्ल्यूएचओ के राज्य स्तरीय अधिकारी डॉ उमेश त्रिपाठी व असफाक नजीर भी निरीक्षण दल में शामिल थे। विशेष अधिकारियों की टीम ने जिले के एक मात्र आकांक्षी प्रखंड पलासी का भ्रमण किया। जहां उन्होंने पीएचसी पलासी व एचडब्ल्यूसी पकड़ी का निरीक्षण किया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अधिकारियों ने मुख्यत&colon; आरसीएच&comma; टीबी उन्मूलन व एनसीडी नियंत्रण कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित क्रियाकलापों का बारिकी से मुआयना किया। इसके उपरांत सिविल सर्जन कार्यालय में अधिकारियों के साथ संबंधित मामलों की समीक्षा की। बैठक में सीडीओ डॉ मोईज&comma; एनसीडीओ डॉ राजेंद्र प्रसाद&comma; डीपीएम संतोष कुमार&comma; डीएमएनई पंकज कुमार&comma; डीपीसी राकेश कुमार&comma; जिला टीबी समन्वयक दामोदर शर्मा व डीसीएम सौरव कुमार&comma; पिरामल स्वास्थ्य व डॉक्टर्स फॉर यू जैसे सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। निरीक्षण दल के सदस्यों ने देर शाम जिलाधिकारी अनिल कुमार से मिल कर उन्हें निरीक्षण के नतीजों से अवगत कराया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शत प्रतिशत मरीजों का निक्षय पोर्टल पर करायें पंजीकरण<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आकांक्षी प्रखंड पलासी के निरीक्षण के क्रम में केंद्रीय अधिकारियों ने एनसीडी पोर्टल पर डाटा फाइंडिंग की गुणवत्ता में सुधार&comma; शत प्रतिशत टीबी मरीजों का निक्षय आईडी बनाने&comma; सीवाई टीबी की जांच&comma; टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी टीपीटी की अनिवार्यता पर बल दिया। टीम के सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी बिंदुओं पर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिये टीम ने दिया जरूरी सुझाव<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप की अध्यक्षता में संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए निरीक्षण दल के अधिकारियों ने पलासी पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में उन्नत करने की विभाग से अनुशंसा करने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने आकांक्षी प्रखंड पलासी में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व अवैध निजी क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के लिये अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये। टीम ने सुझाव दिया कि आकांक्षी प्रखंड सहित सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य संस्थानों में विद्यमान कमियों को चिह्नित कर&comma; उनके निराकरण हेतु ठोस रणनीति के तहत कार्य किया जाये। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता के लिये संवेदनशील आबादी की मैपिंग&comma; जांच व उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा&comma; एचआईवी&comma; कैंसर जैसे अन्य जटिल रोग से ग्रसित टीबी मरीजों के लिये सदर अस्पताल में 5 बेड व प्रत्येक पीएचसी स्तर पर 1 आरक्षित बेड की व्यवस्था करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन में तेजी लाने मरीजों का निक्षय पोर्टल पर ससमय पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिये कहा। अधिक से अधिक संदेहास्पद लोगों की टीबी जांच के लिये सभी मुख्य संस्थानों में एक्स-रे की सुविधा बहाल करने का सुझाव टीम के सदस्यों ने दिया। संवेदनशील आबादी को साल में कम से कम एक बार टीबी जांच कराने के लिये प्रेरित करने का सुझाव उन्होंने दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जिलाधिकारी ने चिह्नित कमियों को दूर करने के प्रति जताई प्रतिबद्धता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>टीम के सदस्यों ने देर शाम जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें निरीक्षण के नतीजों से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने केंद्रीय टीम के सुझाव को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द चिह्नित कमियों को दूर करने का भरोसा टीम के सदस्यों को दिलाया। इसे लेकर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को उन्होंने जरूरी निर्देश दिये।<&sol;p>&NewLine;

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