नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर लगी मुहर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; रॉबीन राज<&sol;strong>। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिसमे कुल 27 प्रस्ताव पास हुए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि हजारों नए पद सृजित किए गए हैं। इसकी जानकारी मंत्रिमंडल के समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ&period; एस&period; सिद्धार्थ ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में सरकार ने कृषि विभाग&comma; नगर विकास एवं आवास&comma; मद्य निषेध&comma; उत्पाद एवं निबंधन&comma; राजस्व एवं भूमि सुधार&comma; सामान्य प्रशासन&comma; शिक्षा&comma; स्वास्थ्य&comma; वित्त&comma; खान एवं भूतत्व&comma; मंत्रिमंडल सचिवालय और उद्योग विभाग के 27 अहम प्रस्तावों पर अपनी मंजूरी दे दी है। अकेले स्वास्थ्य विभाग में 20 हजार से अतिरिक्त नए पद बनाए गए हैं&comma; जिन पर नियुक्ति होनी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार कृषि विभाग में लिपिक संवर्ग के 2590 पदों के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई है। मद्य निषेध विभाग में मद्य निषेध सिपाही&comma; कार्यालय परिचारी&comma; निम्न वर्गीय लिपिक&comma; प्रयोगशाला सहायक समेत कुल 48 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार कर्मचारी चयन आयोग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 29 एवं कार्यालय परिचारी के छह पद&comma; कुल 35 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है &period; स्वास्थ्य विभाग में एकीकृत आयुष अस्पताल पटना के संचालन के लिए कल 36 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है &period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कैबिनेट सचिवालय के तहत विभिन्न कार्यालय में सहायक उर्दू अनुवादक के कुल 3306 पद के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं शिक्षा विभाग के रिटायर्ड सचिव बैद्यनाथ यादव और तत्कालीन निदेशक प्राथमिक शिक्षा पंकज कुमार को एक मार्च 2025 के प्रभाव से एक वर्ष के लिए संविदा के आधार पर परामर्शी नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई है &period; स्वास्थ्य विभाग में लोक स्वास्थ्य संवर्ग एवं अस्पताल प्रबंधन संवर्ग के गठन के लिए कुल 20016 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिक्षा विभाग में प्रशासनिक सुधार हेतु बिहार शिक्षा प्रशासन संवर्ग नियमावली&comma; 2025 को स्वीकृति। मंत्री वेतन एवं भत्ते नियमावली 2006 में संशोधन की स्वीकृति। आयुष अस्पताल&comma; पटना के लिए 36 नए पद सृजित मिली। औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला तकनीकी कर्मी नियमावली 2025 का गठन किया गया। सदर अस्पताल&comma; पटना की 11&period;9 डिसमील भूमि आम रास्ता हेतु उपयोग की अनुमति। आकस्मिकता निधि 350 करोड़ से बढ़ाकर 10&comma;000 करोड़ की गई हैं। सहायक उर्दू अनुवादकों के 3306 पदों का सृजन। नगर निकायों के विद्युत बकाया भुगतान को 301&period;18 करोड़ की मिली स्वीकृति। औद्योगिक निवेश नीति 2016 की वैधता नई नीति आने तक बढ़ाई गई। गया प्रेस की कबाड़ नीलामी हेतु MSTC को अधिकृत किया गया। ESIC अस्पताल&comma; मुजफ्फरपुर में 5&period;07 एकड़ भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति मिली। मोतिहारी सीवरेज नेटवर्क परियोजना हेतु ₹399&period;87 करोड़ स्वीकृत मिली हैं। बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन को कोयला आपूर्ति हेतु राज्य एजेंसी नामित हुए हैं। नवादा में ग्रिड उपकेंद्र हेतु 6&period;27 एकड़ भूमि बिहार ट्रांसमिशन कंपनी को सौंपी गई हैं। राज्य के 927 राजस्व न्यायालयों के आधुनिकीकरण हेतु ₹38&period;12 करोड़ स्वीकृत मिली हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सप्तम राज्य वित्त आयोग गठन को घटनोत्तर स्वीकृति&comma; अध्यक्ष व सदस्य को मंत्री दर्जा दिया गया हैं। नगर कार्यपालक सुधीर कुमार को सेवा से बर्खास्त किया गया हैं। दो पूर्व पदाधिकारियों को शिक्षा विभाग में परामर्शी पद पर एक वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति किया गया हैं&period; डॉ&period; तबरेज अख्तर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई। डॉ&period; रमण राज रमण को अनधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया हैं।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

आरएलएम में अशोक कुमार राम को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए

70 लाख फिरौती के लिए डॉक्टर का अपहरण, नौकरी दिलाने और परीक्षा पास कराने के नाम पर लेन-देन विवाद बना वजह…

बामेती सभागार में “प्रगतिशील एवं लाभकारी कृषि पद्धतियाँ” विषय पर कार्यक्रम का उद्घाटन