हजरत क़ासिम अ.स. की याद में निकला मेंहदी व अलम का मातमी जुलूस

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> मुहर्रम की सातवीं तारीख को शिया समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन एवं कर्बला के 72 शहीदों की याद में मेंहदी और अलम का मातमी जुलूस निकाला गया। यह जुलूस हजरत क़ासिम अ&period;स&period; की याद में समर्पित था। खाजेकलां स्थित संगी दालान वक्फ स्टेट में मरहूम मेंहदी अली खान साहब के अज़ाखाना से निकला मेंहदी ताजिया का जुलूस नवाब बहादुर रोड स्थित नवाब हजन साहब के अज़ाखाना तक पहुंचा। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान पटना की विभिन्न अंजुमनों ने नौहा और मर्सिया पढ़कर कर्बला के दर्दनाक मंजर का वर्णन किया तथा सीनाजनी कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मातमी माहौल में पूरे रास्ते गम और अकीदत का वातावरण बना रहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जुलूस के संयोजक सैयद हसन अली ने बताया कि यह परंपरा पिछले 33 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। वहीं&comma; इमामबाड़ा संगी दालान में उत्तर प्रदेश से आए मौलाना सैयद क़ल्बे हसन साहब 1 मुहर्रम से 9 मुहर्रम तक मजलिस को ख़िताब कर रहे हैं&comma; जिसमें बड़ी संख्या में लोग शरीक होकर कर्बला के संदेश को सुन रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;

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