पूजा-अर्चना के लिए काली मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> भरगामा प्रखंड क्षेत्र के सिमरबनी&comma; जयनगर&comma; आदिरामपुर&comma;खजुरी&comma;भटगामा&comma;थरवापट्टी आदि दर्जनों काली मंदिरों में गुरुवार को एक दिवसीय काली पूजा धूमधाम से मनाई गयी&period; बुधवार की मध्य रात्रि में निशा पूजा को लेकर हजारों की संख्या में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा&period; काली पूजा को लेकर जयनगर काली मंदिर को कोलकाता से फूल मंगाकर आकर्षक रूप से सजाया गया था&period; पूजा में नेपाल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु काली मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए मंदिर पहुंचे थे&period; जयनगर में कोलकाता के जैसा दक्षिणेश्वरी काली मां का मंदिर है और यहां हर साल दीपावली के अर्द्धरात्रि को मां काली की विशेष पूजा की जाती है और 56 भोग अर्पित किए जाते हैं&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यहां के लोगों का कहना है कि यहां मां काली को प्रसन्‍न करने के लिए बकरे की बलि भी दी जाती है&period; मां दक्षिणेश्वरी काली की पूजा-अर्चना विगत 365 वर्षों से तांत्रिक विधि से होती चली आ रही है&period; यहां प्रत्येक वर्ष दीपावली के अर्धरात्रि में मां काली की प्रतिमा स्थापित करके पूजा-अर्चना की जाती है&period; इस स्थल पर स्थापित होने वाली मां काली के प्रतिमा का स्वरूप अन्य जगह की अपेक्षा काफी उग्र होती है&period; मंदिर के समीप प्रतिमा स्थापना से लेकर अगले एक दिनों तक बहुत हीं भव्य मेला लगता है&period; स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां काली पूजा के अवसर पर इस क्षेत्र का सबसे बड़ा भव्य मेला यहीं पर लगता है&period; इधर&comma; काली पूजा को लेकर भरगामा पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड दिखा&period;<&sol;p>&NewLine;

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