बिहार में गव्य विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर पटना में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित<&sol;strong>&period; गुरुवार को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग&comma; बिहार सरकार द्वारा गव्य विकास निदेशालय के मुख्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई&period; बैठक की अध्यक्षता विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ&period; एन&period; विजयलक्ष्मी ने की&period; इस अवसर पर निदेशालय एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न गव्य विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में &&num;8220&semi;समग्र गव्य विकास योजना&&num;8221&semi;&comma; &&num;8220&semi;देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना&&num;8221&semi; तथा &&num;8220&semi;पशु बीमा योजना&&num;8221&semi; जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई&period; डॉ&period; विजयलक्ष्मी ने योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों को ठोस दिशा-निर्देश दिए&period; उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति हेतु योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की ये योजनाएं सीधे तौर पर पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि से जुड़ी हुई हैं&period; उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें पशु बीमा की उपयोगिता और लाभों की जानकारी दी जाए&period; साथ ही बीमा योजना के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर चलाने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार की जाए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में निदेशक &lpar;गव्य&rpar; केदार नाथ सिंह&comma; संयुक्त निदेशक &lpar;मुख्यालय&rpar;&comma; सभी क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक &lpar;गव्य&rpar; एवं राज्य के सभी जिला गव्य विकास पदाधिकारी उपस्थित थे&period; सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं के अंतर्गत अब तक की प्रगति&comma; चुनौतियों एवं भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी साझा की&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में यह भी तय हुआ कि गव्य विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुँचाने के लिए जिला स्तर पर निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त किया जाएगा&period; विभागीय अधिकारी जल्द ही राज्य भर में जागरूकता शिविर&comma; प्रशिक्षण सत्र और ऑन-ग्राउंड सहायता कार्यक्रम चलाएंगे&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह समीक्षा बैठक राज्य में गव्य विकास के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और दिशा देने का कार्य करेगी&period; विभागीय स्तर पर लिए गए निर्णयों से बिहार के पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना प्रबल हुई है&period;<&sol;p>&NewLine;

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