बिहार के दम्पंती द्वारा एवं एक बच्चे को इटली के दम्पति द्वारा गोद लिया गया

&NewLine;<p><strong>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24।<&sol;strong> पटना में 06 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के दत्तक ग्रहण का 10 वाँ  मामला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय&comma; भारत सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका 2022 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए&comma; जिलाधिकारी पटना&comma; श्री शीर्षत कपिल अशोक द्वारा आज तीन बच्चों  को दत्तक ग्रहण कार्यक्रम के तहत जोड़ा गया। जिसमे दो&lpar;2&rpar; बच्चो को भोजपुर  एवं मुजफ्फरपुर&comma; बिहार के दम्पंती द्वारा  एवं एक बच्चे को इटली के दम्पति द्वारा गोद लिया गया ।<br><br>इस अवसर पर&comma; सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई&comma; श्री उदय कुमार झा ने जानकारी दी कि SAA &lpar;Specialized Adoption Agency&rpar; और CCI &lpar;Child Care Institution&rpar; के लिंकेज के तहत 06 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के दत्तक ग्रहण का पटना में यह 10 वाँ  मामला दर्ज किया गया है। । जिसमे  सूर्योदय बाल गृह&comma; राम जयपाल रोड पटना में आवासित 13  वर्षीय बालक को SAA CCI के तहत  अरूणोदय विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान पटना के माध्यम से भोजपुर&comma; बिहार के दंपत्ति द्वारा गोद लिया गया&comma; जिसे मात्र 08 वर्ष की आयु में पटना जंक्शन से भूले भटके वयवस्था में प्राप्त किया गया था। वहीं निकेत बाल गृह&comma; काँटी फक्ट्री रोड&comma; कंकड़बाग&comma; पटना में आवासित 15 वर्षीय बालक को सृजनी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान&comma; पटना के माध्यम से मुजफ्फरपुर&comma; बिहार के दंपत्ति द्वारा गोद लिया गया&comma; साथ ही  आशा किरण&comma; बालिका गृह&comma; पटना में आवासित एक 08 वर्षीय बालिका को सृजनी विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान&comma; पटना के माध्यम से इटली के दम्पंती द्वारा अंतर्देशीय दत्तक ग्रहण किया गया ।<br>श्री उदय कुमार झा ने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बालिकाओं को गोद लेने की चाहत बढ़ रही है। उन्होंने कहा&comma; &&num;8220&semi;स्थिति यह है कि दंपत्ति बेटी को गोद लेने के लिए दो से तीन साल का इंतजार कर रहे हैं।&&num;8221&semi; उन्होंने आगे बताया कि जिले में पिछले पांच वर्षों में कुल 95 बच्चे गोद लिए गए हैं&comma; जिनमें से 62 बालिकाएं और 33 बालक दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया अंतर्गत गोद लिए गए हैं।<br><br>इस महत्वपूर्ण अवसर पर&comma; जिलाधिकारी पटना ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि 06 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का भी तेजी से दत्तक ग्रहण प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। यह घटना न केवल बालकों के भविष्य को सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है&comma; बल्कि समाज में दत्तक ग्रहण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देती है। साथ ही उन्होंने दत्तक ग्रहण मे गए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में शामिल सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए सराहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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