34वां कंटिन्युयिंग ऑर्थोपेडिक एजुकेशन कार्यक्रम 28-29 दिसंबर को पटना में

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ़&comma; अजित ।<&sol;strong> देशभर के प्रमुख हड्डी रोग विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा विशेषज्ञ 28 और 29 दिसंबर को पटना में आयोजित होने वाले 34वें कंटिन्युयिंग ऑर्थोपेडिक एजुकेशन कार्यक्रम &lpar;सीओई&rpar; में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम पारस एचएमआरआई और ऑर्थोपेडिक रिसर्च एंड एजुकेशन फाउंडेशन इंडिया &lpar;ओआरईएफ&rpar; के संयुक्त तत्वावधान में लेमन ट्री प्रीमियर होटल में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम बिहार आर्थोपेडिक एसोसिएशन द्वारा समर्थित है। बिहार मेडिकल रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने इस शैक्षिक कार्यक्रम के लिए 8 क्रेडिट पॉइंट्स मान्यता प्रदान की है। इस बार का विषय &&num;8220&semi;घुटने के जोड़ के आसपास के फ्रैक्चर&&num;8221&semi; पर केंद्रित है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पारस एचएमआरआई में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ओआरईएफ के <em>चेयरमैन और आयोजन अध्यक्ष डॉ&period; जॉन मुखोपाध्याय<&sol;em> ने बताया कि 1983 में पद्म भूषण डॉ&period; &lpar;प्रो&period;&rpar; बी&period; मुखोपाध्याय द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हड्डी रोग सर्जनों के कौशल और ज्ञान को उन्नत करना है। कोरोना महामारी के कारण पिछले कुछ वर्षों तक इसका भौतिक आयोजन बाधित रहा&comma; लेकिन इस बार बड़ी संख्या में विशेषज्ञों और प्रतिभागियों की भागीदारी की उम्मीद है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में इंदौर के डॉ&period; &lpar;प्रो&period;&rpar; डीके तनेजा&comma; कोलकाता के डॉ&period; राजीव चटर्जी&comma; मुजफ्फरनगर के डॉ&period; मुकेश जैन&comma; गंगा हॉस्पिटल कोयंबटूर के डॉ&period; दीन दयालन&comma; और एम्स दिल्ली के डॉ&period; विवेक त्रिखा जैसे अनुभवी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। अंतरराष्ट्रीय सत्र में चीन&comma; थाइलैंड और बिहार के अनुभवी डॉक्टर उन्नत फ्रैक्चर प्रबंधन और नवीनतम तकनीकों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पारस एचएमआरआई के <em>डायरेक्टर जेनेरल सर्जरी डॉ&period; ए&period;ए&period; हई<&sol;em> ने कहा कि पारस एचएमआरआई चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। यह आयोजन विशेषज्ञों के लिए एक मंच प्रदान करेगा&comma; जहां वे आधुनिक उपचार विधियों पर चर्चा करेंगे और ज्ञान साझा करेंगे। पारस एचएमआरआई के <em>फैसिलिटी डायरेक्टर अनिल कुमार<&sol;em> ने कहा कि यह कार्यक्रम चिकित्सा जगत में तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करेगा&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयोजन <em>सचिव डॉ&period; जानकी शरण भदानी<&sol;em> ने बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर के नामी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के साथ चीन और थाइलैंड के डॉक्टर भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य हड्डी रोग विशेषज्ञों को नई तकनीकों और उपचार विधियों से अवगत कराना है।<&sol;p>&NewLine;

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