राज्य सूचना आयोग ने तत्कालीन अंचलाधिकारी नरपतगंज पर लगाया 25 हजार रुपये का अर्थदंड!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत स समय सूचना उपलब्ध नहीं कराने के कारण  तत्कालीन अंचल पदाधिकारी नरपरगंज को राज्य सूचना आयोग पटना के द्वारा पच्चीस हजार का अर्थदंड  लगाया गया है। अररिया जिले के फुलकाहा क्षेत्र के आरटीआई कार्यकर्ता डॉ एके राय बनाम प्रथम अपीलीय प्राधिकार भूमि सुधार उप समाहर्ता फारबिसगंज वाद संख्या &&num;8211&semi; ए  4187 &sol; 2019 में दिनांक- 15 &&num;8211&semi; 9 -2020 को आदेश पारित करते हुए राज्य सूचना आयुक्त पटना ओम प्रकाश ने तत्कालीन अंचलाधिकारी नरपतगंज निशांत कुमार को दोषी पाया है । राज्य सूचना आयुक्त द्वारा पारित आदेश में उल्लेखित किया गया है की आवेदक द्वारा सूचना मांगे जाने के बाद  अनावश्यक रूप से 15 माह का विलंब किया गया जिसमें उन्हें दोषी  पाते हुए उनके विरुद्ध अर्थदंड की राशि वसूली का आदेश जिला पदाधिकारी वैशाली व कोषागार पदाधिकारी वैशाली को दिया गया है। तथा इसकी सूचना प्रधान सचिव&comma; राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पटना के अलावे अन्य वरीय पदाधिकारियों को भी दिया गया है । वही आदेश में स्पष्ट किया गया है की कई बार सूचित करने के बाद भी अंचल पदाधिकारी ने आयोग में आकर अपना पक्ष नहीं रखा जिससे क्षुब्ध होकर राज्य सूचना आयुक्त ने उनके विरुद्ध आर्थिक दंड लगाया है जो उनके मूल वेतन से कटौती किया जाएगा । तत्कालीन अंचलाधिकारी नरपतगंज निशांत कुमार वर्तमान में स्थानांतरित होकर जंदाहा &comma; जिला वैशाली में अंचलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।<&sol;p>&NewLine;

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