रहस्यमयी बीमारी के बाद केन्द्र सरकार ने बनाई चिकित्सा टीम!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नई दिल्ली&colon; <&sol;strong>आंध्र प्रदेश में रहस्यमयी बीमारी के बाद एक जने की मौत हो गई है और 300 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। केन्द्र सरकार को जानकारी मिलने के बाद सरकार हरकत में आ गई है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जाने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की एक 3-सदस्यीय टीम बना दी है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ&period; हर्षवर्धन से इस बारे में बात की। कई बच्चों को पिछले दिनों एक रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सा विशेषज्ञों की 3-सदस्यीय टीम में एम्स के डॉ&period; जमशेद नायर&comma; एसोसिएट प्रोफेसर आपातकालीन चिकित्सा डॉ&period; अविनाश देओश्तवार&comma; वायरोलॉजिस्ट एनआईवी पुणे और डॉ&period; संजीव कुलकर्णी&comma; उप-निदेशक निदेशक&comma; एनसीडीसी&comma; दिल्ली से पीएच विशेषज्ञ शामिल हैं।<br>आंध्र प्रदेश के इलुरु शहर में शनिवार रात से फैली इस बीमारी से 300 से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। इस बीमारी से एक जने की मौत हो गई है और लगभग 300 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बीमारी की सूचना के बाद सरकार हरकत में आ गई है। चिकित्सा और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम रविवार को इस शहर पहुंची। रोगियों में मिर्गी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। पमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अल्ला कृष्णा श्रीनिवास उर्फ नानी ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शनिवार को 46 बच्चों और 76 महिलाओं सहित 227 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 70 को उनकी हालत स्थिर होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बेहतर इलाज के लिए पांच लोगों को विजयवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया। रोगियों का निजी अस्पतालों में भी इलाज किया जा रहा है। मंत्री ने कहा और कहा कि इनलोगों जिंदगी को कोई खतरा नहीं है और इनकी हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने इलुरु के सरकारी अस्पताल के दौरे के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रभावित लोगों को चक्कर और मिर्गी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री वाई&period;एस&period; जगन मोहन रेड्डी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पानी के नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है और जल प्रदूषित होने की कोई रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। मरीजों के खून के नमूने लैब में भेजे गए हैं&comma; लेकिन किसी भी प्रकार के वायरल संक्रमण का पता नहीं चला है। सभी रोगियों का कोरोना परीक्षण भी करवाया गया&comma; लेकिन सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंत्री ने कहा कि अन्य परीक्षण के नतीजे आने के बाद अधिक जानकारी का पता लग सकेगा। घबराने की जरूरत नहीं है। इस रहस्यमयी बीमारी से प्रभावित लोगों ने अचानक गिरने&comma; मुंह में झाग और कंपकंपी की शिकायत की। जिन लोगों को शनिवार की रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था&comma; उन्हें ठीक होने के बाद रविवार सुबह छुट्टी दे दी गई। चिकित्सा और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बीमारी के कारण का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रभावित लोगों में ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मुख्यमंत्री पहुंचे अस्पताल-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई&period;एस&period; जगन मोहन रेड्डी ने सोमवार को एलुरु सरकारी अस्पताल का दौरा किया और रोगियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मरीजों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है। अस्पताल के दौरे के बाद&comma; रेड्डी के इस मामले पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ एक बैठक करने की उम्मीद है। इस रहस्यमय बीमारी से लगभग 300 लोग प्रभावित होने की सूचना है।<&sol;p>&NewLine;

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