डीएम के निर्देश पर नाले के निर्माण का निरीक्षण!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बलिया&lpar;संजय कुमार तिवारी<&sol;strong>&rpar;&colon; जलजमाव की समस्या को खत्म करने के लिए बन रहे बड़े नाले की गुणवत्ता के प्रति जिलाधिकारी पूरी तरह गंभीर है। उनके निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव ने रविवार को निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक आवास से लेकर कुंवर सिंह चौराहा और वहां से एनसीसी तिराहा तक पैदल भ्रमण कर आगे के प्रोजेक्ट पर ईओ दिनेश विश्वकर्मा व सीएनडीएस के इंजीनियर अभिलाष पांडेय के साथ विचार-विमर्श किया। टीम ने जिला जेल के पास जल निकासी की व्यवस्था को लेकर तकनीकी पहलुओं पर बातचीत की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list"><li><em>कुंवर सिंह से एनसीसी चौराहा तक के प्रोजेक्ट पर हुआ तकनीकी विचार-विमर्श<&sol;em><&sol;li><&sol;ul>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाले के निर्माण कार्य का निरीक्षण के दौरान नाले में पड़ रही सरिया को लेकर उन्होंने ठेकेदार से सवाल किया कि इतने बड़े नाले में करीब तीन सूत की सरिया कारगर साबित होगी या नहीं। उन्होंने साफ कहा कि नाले की मजबूती में अगर कोई भी समझौता हुआ तो जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में नाले की ढलाई में कम से कम जमीनी सतह से नीचे एक फीट लंबाई चौड़ाई की जगह छोड़ी जाए&comma; ताकि जमीन का पानी भी आसानी से नाले में चला आए। कुंवर सिंह चौराहा से लेकर एनसीसी तिराहे तक के नाले में जलभराव को देखते हुए डिप्टी कलेक्टर ने निर्देश दिया कि यहां पर नाले की गहराई ऐसी होनी चाहिए जो अगल बगल की जमीनी सतह से कम से कम तीन फीट नीचे तक हो। उनके साथ गए इंजीनियर ने जिला जेल के पास की समस्या को नजदीक से देखा उसकी समस्या के समाधान को सम्भानाओं के बारे में बताया।<&sol;p>&NewLine;

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