नशे की गिरफ्त में युवा, इंजेक्शन और स्मैक की लत में बर्बाद हो रही जिंदगी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> भरगामा थाना क्षेत्र में नशा का कारोबार चरम पर है। देश के भविष्य कहे जाने वाले युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में हैं। खुद की जिंदगी के साथ परिवार को भी बर्बाद कर रहे हैं। अहम बात यह है कि इन्हें नशा करने का साजो सामान भी बड़े आराम से मिलते हैं। इन दिनों भरगामा थाना क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण इलाकों में नशे की लत में फंस चुके अधिकांश युवक स्मैक का सेवन करने के साथ-साथ फोर्टविन का भी सूई लेते हैं।वैसे तो फोर्टविन की कीमत चार रुपये है परंतु नशे की लत में फंसे युवक उसे 200 से 250 रुपये में खरीदते हैं&period; स्मैक का नशा करने वाले लोगों से समाज में संस्कृति और संस्कार पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। इसके बावजूद स्मैक धंधेबाज स्मैक की कारोबार बेरोकटोक और धड़ल्ले से कर रहे हैं। इन दिनों युवा पीढी स्मैक&comma;फोर्टविन सुई&comma; गांजा&comma;अफीम&comma;हीरोइन&comma; भांग&comma; सुलेशन&comma;देसी महुआ शराब समेत कई प्रतिबंधित नशीली सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। इस नशे में फंसे युवा न केवल अपना करियर बर्बाद कर रहे हैं बल्कि अभिभावकों की उम्मीदों को भी धूमिल कर रहे है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्मैक जैसी खतरनाक नशे से युवा न केवल अपना नाश करता है बल्कि परिवार भी इसका शिकार होता है। इसलिए अपने बच्चों की ख्वाहिशें पूरी करने में हीं व्यस्त न रहें&comma; बल्कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखें। उक्त बातें समाजसेवी रमेश भारती ने कही। उन्होंने कहा कि आजका हालात यह है कि जब तक बच्चों को अभिभावक संभालते हैं तब तक बच्चा नशे में पूरी तरह डूब चुका होता है&comma; फिर उस नशे की लत को छुड़वा पाना भी संभव नहीं होता। इससे बेहतर है कि समय रहते नशे के प्रति अभिभावक और बच्चे सजग रहें। क्योंकि कभी-कभी गलत संगत भी नशे की खाई में धकेल देता है&comma;बुरे लोगों की संगत में पड़कर अधिकांश बच्चे बुरी आदतों व नशे की लतों का शिकार हो जाते हैं। यानी कि एक बात साफ है कि शराबंदी से नशे की लत में डूबे लोगों में कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। वहीं सामाजिक कार्यकर्त्ता असलम बेग का कहना है कि स्मैक की नशा लोगों को अपने अंदर इतना ज्यादा जकड़ लिया है कि गांव घर के छोटे-छोटे बच्चे भी नशे के शिकार हो रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> सूत्र बताते हैं कि भरगामा थाना इलाके के विभिन्न चौक-चौराहों के चाय-पान&comma;पुड़िया के दुकान में स्मैक&comma; सनफिक्स&comma; गांजा&comma;अफीम&comma;चरस&comma;देशी एवं विदेशी शराब जैसी खतरनाक और जानलेवा नशा बेरोक-टोक बेचा जाता है&period; लोगों का कहना है कि भरगामा थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी&comma;डकैती&comma;लूट&comma;हत्या इन्हीं नशेरियों के द्वारा किया जा रहा है। जहां एक तरफ इस क्षेत्र के लोग स्मैकर के आतंक से परेशान हैं। वहीं दुसरी ओर पुलिस-प्रशासन की भी नींद स्मैकरों ने हराम कर रखा है। कहा जाता है कि शाम ढ़लते हीं खासकर युवा वर्ग चौक-चौराहे&comma;खेत-खलियान में जमावड़ा बनाकर स्मैक पीते हैं&comma;उन्हें अगर स्मैक पीने के क्रम में लोगों द्वारा रोक-टोक किया जाता है तो उक्त स्मैकर जानलेवा हमला करने में भी गुरेज नहीं करते हैं। इधर इस संबंध में फारबिसगंज डीएसपी मुकेश कुमार साह का कहना है कि सनफिक्स&comma;गांजा&comma;अफीम&comma;चरस&comma;देशी एवं विदेशी शराब जैसी जानलेवा नशा कारोबारियों की धरपकड़ को लेकर निरन्तर प्रयास जारी है।<&sol;p>&NewLine;

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