विश्व पर्यावरण दिवस : सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पेड़ लगाकर मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong>  राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत हर साल 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दौरान पर्यावरण से संबंधित विभिन्न जागरूकता अभियान का आयोजन कर आमलोगों को वायु प्रदूषण एवं क्लाइमेट चेंज के दुष्प्रभाव एवं इससे बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया जाता है। बुधवार को पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल &lpar;जीएमसीएच&rpar; के जिला स्वास्थ्य समिति कैम्पस में सिविल सर्जन डॉ ओ पी साहा द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय कैम्पस में पेड़ लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा लोगों को पर्यावरण से मानव जीवन में स्वास्थ्य और शारीरिक विकास में होने वाले सुविधाओं के प्रति जागरूक किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस के दौरान सिविल सर्जन डॉ ओ पी साहा के साथ जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुभाष कुमार सिंह&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; डीसीएम संजय कुमार दिनकर&comma; डीएमएनई आलोक कुमार&comma; डीएएम पंकज मिश्रा&comma; एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला&comma; यूनिसेफ जिला समन्यवक शिवशेखर आनंद&comma; नेशनल शहरी स्वास्थ्य मिशन के जिला समन्यवक दिलनवाज आलम&comma; सहयोग संस्था के सचिव डॉ अजित प्रसाद सिंह के साथ साथ जिला स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना जरूरी &colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय में पौधा रोपण करते हुए सिविल सर्जन डॉ ओपी साहा ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्यावरण को सुरक्षित और संरक्षित रखने की जरूरत है। आधुनिकता की ओर बढ़ रहे विश्व में विकास की राह में कई ऐसी चीजों का उपयोग शुरू कर दिया गया है&comma; जो धरती और पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। प्रकृति के बिना आमलोगों का जीवन सामान्य रह सके यह मुश्किल है। लेकिन बदलने समय में आधुनिकता की दौड़ भाग के कारण प्रकृति को इंसानों के द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिस कारण लगातार पर्यावरण दूषित हो रहा है&comma; जो जनजीवन को प्रभावित करने के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की भी वजह बन रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए प्रकृति की सुरक्षा और पर्यावरण का संरक्षण निहायत ही जरूरी है। इसी उदेश्यों की पूर्ति के लिए प्रतिवर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है जिससे कि पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक किया जा सके। साथ ही पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाता है। इसके लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पेड़ लगाने के साथ ही वहां उपलब्ध अन्य लोगों को भी इससे होने वाले सुविधाओं की जानकारी देते हुए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए जागरूक किया जाता है। ज्यादा पेड़-पौधे होने से लोग उनकी वातावरण में स्वच्छ सांस ले सकेंगे और विभिन्न बीमारियों का शिकार होने से सुरक्षित रह सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>भूमि संरक्षक के लिए पेड़ का होना आवश्यक &colon; एनसीडीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी &lpar;एनसीडीओ&rpar; डॉ सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि ज्यादा पेड़ पौधा का होना पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। पेड़ के कम होने के कारण भूमि संरक्षण नहीं हो सकता है और बारिश के मौसम में नदी के आसपास के ज्यादातर लोग इसका शिकार होते हैं। आसपास पेड़ के होने पर पेड़ वहां की मिट्टी को सुरक्षित रखता है और कटाव रुक जाता है। इससे लोग बाढ़ जैसी परिस्थिति में सुरक्षित हो सकते हैं। ज्यादा पेड़ मानव को विभिन्न बीमारियों से भी सुरक्षित रखता है। भीषण गर्मी में पेड़ के कारण लोग स्वच्छ वायु में आसानी से सांस ले सकते हैं। इसलिए लोगों को अपने घर के आसपास ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना चाहिए ताकि अपने साथ साथ अपने परिजनों को भी स्वस्थ और स्वच्छ हवा में सांस लेने और बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक का उपयोग कम करने की जरूरत &colon; एपिडेमियोलॉजिस्ट<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला ने कहा कि वर्तमान समय में ज्यादातर लोग अपने विभिन्न सुविधाओं को आसान बनाने के लिए प्लास्टिक का उपयोग करते हैं। यह उपयोग करने में आसन होता है और इसे उपयोग के बाद आसानी से फेंक दिया जाता है। लेकिन यही प्लास्टिक के जमीन में रहने के कारण वहां का जमीन प्रदूषित हो जाता है और वहां पेड़ पौधे के विकास का बाधक बन जाता है। पेड़ पौधों में कमी के कारण वहां की जलवायु में परिवर्तन होता है और वहां का तापमान ज्यादा हो जाता है। बढ़ते तापमान के कारण लोग एलर्जी&comma; सर्दी&comma; खांसी&comma; बुखार&comma; दम फूलने और सांस लेने में कठिनाई होने से विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। इससे सुरक्षित रहने के लिए लोगों को प्लास्टिक बैग का उपयोग कम करने के साथ साथ ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का प्रयास करना चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षित रह सके और लोग स्वच्छ हवा में सांस लेते हुए विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रह सकें।<&sol;p>&NewLine;

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