एम्स पटना में विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन, जागरूकता रैली निकालकर दिया विशेष स्तनपान का संदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एम्स पटना में विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 का आयोजन किया गया। &OpenCurlyDoubleQuote;जीवन की स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान &colon; जो कारगर है&comma; उसे और मजबूत बनाएं” थीम पर आयोजित सप्ताहभर के अभियान में जागरूकता कार्यक्रम&comma; प्रतियोगिताएं&comma; रैली और परामर्श सत्र आयोजित किए गए। नवजात शिशु रोग&comma; शिशु रोग&comma; प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों&comma; नर्सिंग अधिकारियों&comma; विद्यार्थियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता के साथ अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्तनपान से संबंधित जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अभियान का समापन 7 अगस्त को जागरूकता रैली के साथ हुआ। रैली का नेतृत्व एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने किया। रैली में डीन &lpar;एकेडमिक्स&rpar; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; पूनम प्रसाद भदानी&comma; चिकित्सा अधीक्षक प्रो&period; डॉ&period; प्रशांत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष&comma; नर्सिंग अधिकारी&comma; विद्यार्थी और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। रैली के बाद ओपीडी में गर्भवती महिलाओं&comma; नवजात शिशुओं की माताओं एवं उनके परिजनों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के बाद पहले छह माह तक केवल मां का दूध शिशु के पोषण&comma; रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वस्थ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि एम्स पटना का लक्ष्य संस्थान को बेबी फ्रेंडली हॉस्पिटल के रूप में विकसित करना है&comma; जहां वैज्ञानिक एवं प्रमाण आधारित स्तनपान प्रथाओं को प्रभावी ढंग से अपनाया जाए। एम्स पटना के नर्सिंग विभाग ने कार्यरत स्तनपान कराने वाली नर्सिंग अधिकारियों के लिए भी विशेष पहल की है। शिशु के एक वर्ष की आयु तक उन्हें सामान्य शिफ्ट की सुविधा दी जाती है&comma; ताकि वे अपने बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान करा सकें।<br &sol;>संस्थान में गर्भावस्था के दौरान स्तनपान परामर्श&comma; जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत&comma; सही तरीके से स्तनपान कराने का प्रशिक्षण&comma; प्रीलैक्टियल फीड से बचाव और स्तनपान संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए परामर्श जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। एम्स पटना के अनुसार&comma; यह अभियान केवल एक सप्ताह तक सीमित पहल नहीं है&comma; बल्कि स्वस्थ और कुपोषण मुक्त भावी पीढ़ी के निर्माण की दिशा में निरंतर जनस्वास्थ्य प्रयास का हिस्सा है।<&sol;p>&NewLine;

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