स्वास्थ्य संस्थानों के लक्ष्य प्रमाणीकरण को कार्यशाला आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> &colon; मातृ व नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार के उद्देश्य से स्वास्थ्य संस्थानों के लक्ष्य प्रमाणीकरण के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में किया गया। कार्यशाला में यूनिसेफ के स्टेट कंसलटेंट डॉ जगजीत सिंह&comma; आरपीएम पूर्णिया केशर इकबाल&comma; डीसीक्यूए डॉ मधुबाला&comma; एडीसी यूनिसेफ राकेश कुमार&comma; पिरामल स्वास्थ्य के पीएल राजीव कुमार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों के लक्ष्य प्रमाणीकरण को लेकर जरूरी जानकारी साझा किया गया। कार्यशाला में सभी अस्पताल अधीक्षक&comma; एमओआईसी&comma; एचएम&comma; बीएचएम सहित स्टाफ नर्स शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मातृ-नवजात संबंधी सेवाओं में गुणात्मक सुधार प्रमाणीकरण का उद्देश्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में यूनिसेफ स्टेट कंसलटेंट ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों के लक्ष्य प्रमाणीकरण का मुख्य उद्देश्य मातृ व नवजात संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाना है। इसके तहत अस्पतालों में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप<br &sol;>प्रसव व नवजात देखभाल संबंधी सेवाओं संचालन सुनिश्चित कराना है। कार्यशाला में उन्होंने मातृ-नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी व सुगम बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये। आरपीएम पूर्णिया मो केशर इकबाल ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करने के लिये टीम वर्क व प्रबंधन कौशल का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठित टीम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही समस्याओं की पहचान व इसका हल तलाशना आसान होता है। उन्होंने बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिये विभिन्न रणनीतियों की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों को दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य कार्यक्रम की सफलता में संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रमाणीकरण से संस्थानों के प्रति बढ़ता है लोगों का भरोसा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीसीक्यू डॉ मधुबाला ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के लक्ष्य प्रमाणीकरण का उद्देश्य न केवल एक प्रक्रिया है। बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणात्मकता सुनिश्चित कराने का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। इसके लिये कुशल प्रबंधन&comma; टीम वर्क व लोगों को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं का नियमित निगरानी व अनुश्रवण जरूरी है। लक्ष्य प्रमाणीकरण से संस्थानों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्ष्य प्रमाणीकरण की प्रक्रिया&comma; इसके लिये राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित मानक व इसके दस्तावेजीकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दिये जानकारी उन्होंने दी।<&sol;p>&NewLine;

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