सफाई कर्मचारियों के साथ संगोष्ठी में बोले श्रमिक

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर राजधानी पटना में आयोजित एक संगोष्ठी में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा सामाजिक सुरक्षा और जीविकोपार्जन की कल्याणकारी सरकार योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ नहीं मिल पाता है&period;पंचायत से लेकर प्रखंड नगर परिषद नगर निगम के द्वारा भी सही रूप में जरूरतमंद मजदूरों को आजीविका के साधन उपलब्ध नहीं करा जाते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सफाई कर्मचारियों के द्वारा बताया गया की सफाई कर्मचारियों का जीवन काफी हद तक अदृश्य है और उनकी कहानी बाकी समाज द्वारा अनसुनी है&period; अपने व्यवसाय में वे जिन दैनिक चुनौतियों का सामना करते हैं वे बहुआयामी हैं &period; इस कार्यक्रम में नगर परिषद् दानापुर&comma; फुलवारिशारिफ एवं खगौल के साथ-साथ पटना नगर निगम के सफाई कर्मियों ने अपनी दैनिक चुनौतियों एवं समस्यायों से लोगों को अवगत कराया&period; कार्यक्रम में कई शिक्षण संस्थानों से आये छात्र एवं छात्राओ के द्वारा सफाई कर्मियों से कई प्रश्न पूछे गए जिसका जवाब खुल कर उनके द्वारा दिया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरअसल&comma;सोमवार को शहर में हम एवं हमारी सामाजिक सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स के नेतृत्व वाले तमिलनाडु अर्बन सैनिटेशन सपोर्ट प्रोग्राम द्वारा बिहार इंडस्ट्री एसोसिएशन&comma; पटना में किया गया&period; जिसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को अपनी कहानियां बताने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए एक मंच तैयार करना था&period;कार्यक्रम के सहयोगी के रूप में आगा खान फाउंडेशन&comma; ग्राम स्वराज्य समिति घोषी &lpar;जीएसएसजी&rpar;&comma; प्रैक्सिस और तरुमित्रा थे&period; इस कार्यक्रम में यूनिसेफ&comma; वाटर फॉर पीपल अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं अन्य अन्तराष्ट्रीय संस्थाओ के प्रतिनिधि के साथ- साथ बिहार में सफाई कर्मियों के साथ काम करने वाले सामाजिक संस्थाओ के प्रतिनिधि&comma; नागरिक नेताओं आदि ने भाग लिए&period;<code> <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>गौरतलब हो की वी स्पीक टू सफाई कर्मचारियों की आवाज के नाम से&comma; मल्टी-सिटी सेमिनार की एक श्रृंखला है जो स्वच्छता कर्मचारियों के एक व्यापक आकांछाओ एवं अपनी चिंताओं को बोलने और आवाज देने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करती है&period;<&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना में आयोजित इस श्रृंखला के पांचवें संस्करण में सात सफाई कर्मचारियों &&num;8211&semi; बिनोद राम&comma; कलावती देवी&comma; कृष्णा राम&comma; कुसुम देवी&comma; रफीकुल इस्लाम&comma; सलमा खातून&comma; और विद्या राम को इस विषय पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था&period;पत्रकार और अकादमिक डॉ&period; मधुरिमा राज ने सत्र का संचालन किया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के प्रारंभ में आई आई एच एस के कार्यक्रम निर्देशक कविता वांकडे ने सफाई कर्मियों की आवाज कार्यक्रम के उद्देश्य से लोगो को अवगत कराया&period;संगोष्ठी में&comma; प्रतिभागियों ने अपशिष्ट और सामाजिक कलंक के प्रत्यक्ष जोखिम से लेकर स्वच्छता कार्य&comma; कार्य व्यवस्था&comma; रहने की जगह और योजनाओं और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच के बारे में अपनी यात्रा के बारे में बताया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के अंत में ग्राम स्वराज्य समिति घोषी के सचिव राम शंकर शर्मा के द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया एवं अर्का राय द्वारा सर्टिफिकेट का वितरण किया गया&period;आगा खान फाउंडेशन के मोह्हम्मद मेराज के द्वारा कार्यक्रम की सफलता हेतु सहयोग प्रदान किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;

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