स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिये संकल्प व जिम्मेदारी पूर्वक करें काम : डीडीसी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामलों की मासिक समीक्षात्मक बैठक शनिवार को आयोजित की गयी। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त मनेाज कुमार ने की। वहीं आने वाले दिनों में संचालित होने वाली महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की रणनीति पर विचार किया गया। बैठक में नियमित टीकाकरण&comma; एएनसी जांच&comma; संस्थागत प्रसव&comma; वीएचएसएनडी के सफल क्रियान्वयन व मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी मामलों की गहन समीक्षा की गयी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं आगामी जून महीने में संचालित सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा&comma; फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नाइट ब्लड सर्वे व मलेरिया महीने के तहत संचालित कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गयी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह&comma; एसीएमओ डॉ राजेश कुमार&comma; डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह&comma; डीआईओ डॉ मोईज&comma; सीडीओ डॉ वाईपी सिंह&comma; डीपीएम संतोष कुमार&comma; डीएमएनई पंकज कुमार सहित सभी एमओआईसी&comma; बीएचएम व संबंधित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एएनसी जांच व संस्थागत प्रसव मामलों में हुई है बढ़ोतरी-<br>समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में संस्थागत प्रसव व एएनसी जांच से जुड़ी उपलब्धि में बीते माह की तुलना में अपेक्षित सुधार हुआ है। प्रथम तिमाही में जहां 61&period;12 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच संभव हुआ। वहीं चतुर्थ एएनसी की उपलब्धि 82&period;83 फीसदी रही है। संस्थागत प्रसव संबंधी मामलों में उपलब्धि 53 प्रतिशत रहा है। नियमित टीकाकरण मामले में अपेक्षित सुधार की जानकारी बैठक में दी गई। इसी तरह बीते अप्रैल माह कुल 3253 वीएचएसएनडी साइट संचालित करते हुए इसके माध्यम से जरूरी सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाये जाने की जानकारी बैठक में दी गयी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आगामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता पर हुई चर्चा<br &sol;>समीक्षात्मक बैठक में आगामी 01 से 15 जून तक जिले में संचालित सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की सफलता पर चर्चा की गई। डीआईओ डॉ मोईज ने डायरिया को बाल मृत्यु का बड़ा कारण बताया। उन्होंने ओआरएस व जिंक के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने व समुदाय स्तर पर इसकी उपलब्धता को बढ़ावा देना अभियान का उद्देश्य बताया। वहीं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बारिश के दिनों में लोगों को मलेरिया के प्रकोप से बचाने के लिये जलजमाव व नालों में टेमीफोस के छिड़काव के साथ संभावित फाइलेरिया रोगी की खोज के लिये संचालित होने वाले नाइट ब्लड सर्वे कार्य की जानकारी देते इसकी सफलता में उचित प्रशासनिक सहयोग की मांग की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सेवाओं की बेहतरी का संकल्प दिलायेगा बेहतर परिणाम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उपविकास आयुक्त मनोज कुमार ने जहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य अधिकारी के प्रयासों को सराहा। डीडीसी ने कहा कि सेवाओं की बेहतरी के लिये अधिकारी व कर्मी को एक संकल्प के साथ काम करना होगा। इससे बेहतर परिणाम संभव है। हाल के दिनों में स्वास्थ्य मामलों में अपेक्षित सुधार हुआ है। लेकिन इसे और बेहतर करने की जरूरत है। उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने व टीबी मुक्त भारत अभियान का महत्वपूर्ण बताते हुए टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन में तेजी लाने के साथ मातृत्व शिशु स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम को ज्यादा प्रभावी बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। वहीं ऐसे 165 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जहां अब तक जन आरोग्य समिति का गठन नहीं हो सका है। ऐसे स्थानों पर माह के अंत तक समिति गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई का आदेश सिविल सर्जन को दिया।<&sol;p>&NewLine;

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