नारी स्वतंत्रता, समानता एवं न्याय के लिए नारी शिक्षा अत्यावश्यक : डीएम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिला पदाधिकारी&comma; पटना डॉ&period; चन्द्रशेखर सिंह ने कहा है कि नारी स्वतंत्रता&comma; समानता एवं न्याय के लिए नारी शिक्षा अत्यावश्यक है। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में पोषण पखवाड़ा एवं अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला एवं पुरूष दोनों एक-दूसरे के प्रतिस्पर्द्धी न होकर पूरक हैं। किसी एक के बिना दुनिया अधूरी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> <code>डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि हमारे महिला पदाधिकारी एवं कर्मी महिला सशक्तिकरण&comma; नारी स्वतंत्रता&comma; समानता एवं न्याय के लिए ब्रैंड-एम्बेसडर हैं। विदित हो कि सरकार के निदेश के आलोक में पूरे पटना जिला में पोषण पखवाड़ा का आयोजन हो रहा है। 20 मार्च से इसकी शुरूआत हुई है जो 03 अप्रैल तक चलेगा। इस अवधि में जिला में अनेक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को पोषण अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>श्री अन्न &lpar;मिलेट&rpar; जैसे ज्वार&comma; बाजरा&comma; मडुआ&comma; कोदो&comma; कुटकी आदि का सेवन एवं स्वास्थ्य तथा पोषण के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि जन-जन को स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए श्री अन्न के सेवन से होने वाले लाभ के बारे में लगातार अवगत कराना आवश्यक है। शिशुओं को उम्र के अनुसार जैसे छः माह से कम उम्र एवं छः माह से अधिक उम्र में तथा गर्भवती महिलाओं को कौन सा आहार दिया जाए इस पर लोगों को संवेदनशील किया जाए। 0 से 6 वर्ष के सभी बच्चों की वृद्धि की निगरानी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पोषण संदेशों को नुक्कड़-नाटकों के माध्यम से पूरे जिला में प्रसारित किया जा रहा है। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>आईसीडीएस द्वारा पोषण रैली&comma; माता समूहों के साथ बैठक&comma; अन्नप्राशन&comma; स्कूल पूर्व शिक्षा प्रवेशोत्सव&comma; किचन गार्डेन&comma; संध्या बैठकों का आयोजन&comma; हैण्डवाशिंग&comma; आपदा प्रबंधन यथा गर्मी एवं लू से बचाव&comma; उपचार तथा जागरूकता का वार्ड स्तर पर प्रचार-प्रसार&comma; गृह भवन&comma; किशोरी समूहों के साथ बैठक&comma; प्रश्नोत्तरी&comma; निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन&comma; जीविका समूहों के साथ बैठक&comma; ग्राम स्वास्थ्य&comma; स्वच्छता एवं पोषण दिवस &lpar;वीएचएसएनडी&rpar; आदि का आयोजन किया गया है एवं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म कार्य योजना के अनुसार वार्ड&comma; आंगनबाड़ी केन्द्रों&comma; बाल विकास परियोजनाओं तथा जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>डीएम डॉ&period; सिंह ने विभिन्न विभागों यथा स्वास्थ्य&comma; पंचायती राज&comma; कल्याण&comma; बाल संरक्षण&comma; जीविका&comma; शिक्षा&comma; आईसीडीएस&comma; पीएचईडी आदि के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित कर जन-जागरूकता फैलाने का निदेश दिया। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि लिंग-भेद को समाप्त करने के लिए नियमित तौर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। आदर्श समाज की स्थापना के लिए हम सबको प्रयत्नशील रहना होगा। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा भी बाल विवाह&comma; दहेज प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए समाज सुधार अभियान चलाया जा रहा है। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा नारी की गरिमा के विरूद्ध है। हम सबका दायित्व है कि इसे दूर करने के लिए लोगों को संवेदनशील करें। आज के इस कार्यक्रम में डीएम डॉ&period; सिंह ने महिलाओं की समाजिक स्थिति में क्रमिक परिवर्तन एवं व्यावहारिक पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में पितृसत्तात्मक परिवार की स्थापना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि परम्परागत रूप से यह चल रहा है। सदियों से यह हम सबके संस्कार में बस गया है।<&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code> इसमें परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही यह समाप्त होगी। अपने व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में जब भी केन्द्रीय विद्यालय में नामांकन हेतु अभिभावकों द्वारा उनसे अनुरोध किया जाता रहा है तो वे उस अभिभावक के पुत्र के नामांकन की जगह पुत्री के नामांकन को ही प्राथमिकता देते थे। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि लड़का और लड़की दोनों बराबर है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं जागरूक होने की आवश्यकता है। इसके लिए बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देना पड़ेगा तभी समाज से भेद-भाव मिट सकता है। उन्होंने कहा कि पुरूष एवं महिला दोनों को अपनी विशिष्टियों को कायम रखना होगा। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि महिलाओं के विकास के लिए आर्थिक स्वतंत्रता निर्णायक है। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>इसके बिना नारी स्वतंत्रता&comma; समानता या न्याय के उद्देश्य की प्राप्ति नहीं हो सकती है। कार्यक्रम की शुरूआत में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी&lpar;आईसीडीएस&rpar; श्रीमती आभा प्रसाद ने जिला पदाधिकारी&comma; उप विकास आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों तथा आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने पोषण पखवाड़ा में की जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। उप विकास आयुक्त श्री तनय सुल्तानिया द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस तथा पोषण पखवाड़ा के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में डीएम डॉ&period; सिंह द्वारा पोषण शपथ दिलाया गया। उप विकास आयुक्त श्री तनय सुल्तानिया द्वारा महिला सशक्तिकरण हेतु संकल्प दिलाया गया। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>डीएम डॉ&period; सिंह द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों तथा आंगनबाड़ी कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। वरीय उप समाहर्ता श्रीमती मिन्टी हर्षिता&comma; सुश्री डेजी ईरानी&comma; सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्रीमती स्नेहा&comma; जिला प्रोग्राम पदाधिकारी&lpar;आईसीडीएस&rpar; श्रीमती आभा प्रसाद&comma; जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम डॉ&period; जुलेखा हसमत&comma; सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को उनके बेहतर कार्यों के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। डीएम डॉ&period; सिंह ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>कार्यक्रम के पश्चात डीएम डॉ&period; सिंह ने श्री अन्न पोषण मेला का निरीक्षण किया तथा जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ सभी बाल विकास परियोजनाओं में घूम-घूम कर लोगों तक पोषण संदेशों को पहुँचाएगा। डीएम डॉ&period; सिंह ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सम्बद्ध पदाधिकारी इसके लिए सजग&comma; तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। आज के इस अवसर पर डीएम डॉ&period; सिंह के साथ उप विकास आयुक्त&comma; समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि&comma; जिला कल्याण पदाधिकारी&comma; सहायक निदेशक बाल संरक्षण एवं अन्य भी उपस्थित थे।<&sol;code><&sol;p>&NewLine;

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