मंगल चंडी मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत नहीं

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बोकारो&lpar;न्यूज़ क्राइम24&rpar;&colon; <&sol;strong>नवरात्रि में हर तरफ मां दुर्गा की पूजा आराधना हो रही है&period; वहीं बोकारो जिले में एक ऐसा मंदिर भी है जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है&period; इस मंदिर में पहुंच कर पुरुष तो पूजा-अर्चना कर सकते हैं&comma; लेकिन इस मंदिर में महिलाओं की नो-एंट्री है&period;मंगल चंडी के मंदिर में प्रवेश वर्जित बोकारो जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कसमार प्रखंड में मंगल चंडी मां का मंदिर स्थित है&period; इस मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की मनाही है&period;एनएफ&period; यहां महिलाएं मंदिर से करीब 20 फीट की दूरी पर रहकर ही पूजा कर सकती हैं&period; निशान के रूप में मंदिर के आसपास बांस का घेरा बांध दिया जाता है&period;ताकि महिलाओं को दूर से ही इसका अंदाजा लग जाए&period; ये माना जाता है कि जो भी सच्चे मन से मां की आराधना करता है&comma; उसकी हर मुराद पूरी होती है।सालों से परंपरा चली आ रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग बताते हैं कि ये परंपरा कई सालों से यूं ही चली आ रही है&period; हालांकि महिलाओं को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है&period;एनएफ&period; वो दूर से ही मां की आराधना कर संतुष्ट हैं&period; वैसे सनातन धर्म में नारी रूप को शक्ति का प्रतीक कहा जाता है&comma;इसी रूप में मां की आराधना भी होती है&period; लेकिन कसमार प्रखंड के मंगल चंडी मां के मंदिर में महिलाओं को दूर से ही पूजा अर्चना करनी पड़ती है&period; मंगल चंडी मंदिर में कसमार प्रखंड ही नहीं बल्कि दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं&period; स्थानीय लोगों की मंगल चंडी मंदिर पर इतनी श्रद्धा है कि वो सालों से चली आ रही इस पंरपरा को तोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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