बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का असशक्त उदाहरण बनाएंगे : शिक्षा मंत्री

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; à¤¸à¥à¤¨à¥€à¤² कुमार &colon;<&sol;strong> बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि आज विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग &lpar;पीबीएल&rpar; मेला में राज्य के सभी जिलों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता&comma; जिज्ञासा और नवाचार की भावना को देखकर अत्यंत गर्व और संतोष का अनुभव हुआ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे।शिक्षा मंत्री गुरुवार को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् &lpar;एससीईआरटी&rpar; द्वारा महेंद्रू में आयोजित पीबीएल कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय मेला सह प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उक्त बातें कहीं। इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उसके बाद शिक्षा मंत्री&comma; अपर मुख्य सचिव डॉ&period; बी राजेंद्र&comma; प्रो&period; अरिंदम बोस सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया एवं बच्चों से संवाद किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;02&sol;img-20260226-wa00726144049753695307600-600x337&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-81319" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा सहभागिता&comma; प्रयोग एवं वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख की दिशा में आगे बढ़ रही है। जब बच्चे स्वयं मॉडल बनाकर&comma; प्रयोग कर एवं अपनी समझ प्रस्तुत करते हैं&comma; तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है। इस पहल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास तथा सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण &OpenCurlyQuote;परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत को पार करें&comma; बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करें। वहीं अपर मुख्य सचिव डॉ&period; बी राजेंद्र ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों में पठन-पाठन की ललक होनी चाहिए तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> यह प्रयास बेहतर है इसे निरंतर जारी रखने की जरूरत है। एससीईआरटी के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मेला विद्यालयों में सीखने की बदलती दिशा का सशक्त प्रमाण है। यह पहल कक्षा को संवाद&comma; खोज एवं प्रयोग का जीवंत मंच बना रही है&comma; जहां विद्यार्थी स्वयं सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में हैं। शिक्षकों की सक्रिय भूमिका एवं सामूहिक प्रयासों से सीखना अधिक अर्थपूर्ण बन रहा है। ऐसे प्रयास राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शिक्षा की सुदृढ़ नींव तैयार कर रहे हैं।विदित हो कि बिहार के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए विज्ञान एवं गणित विषय में संचालित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग &lpar;पीबीएल&rpar; कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग से एससीईआरटी परिसर में गरुवार को किया गया&comma; जिसमें शिक्षा मंत्री&comma; शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अतिथियों को पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में विज्ञान से संबंधित विद्वानों का एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया&comma; जिसमें शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने &OpenCurlyQuote;अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर अपने विचार साझा किए। इस चर्चा के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराया गया। साथ ही &OpenCurlyQuote;किलकारी’ के प्रतिभावान प्रशिक्षुओं द्वारा विज्ञान विषय पर नाट्य प्रस्तुति भी दी गई।इस राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी ने बिहार के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। इसमें राज्य के सभी 38 जिलों से चयनित छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा सभी प्रोजेक्ट्स का सूक्ष्म अवलोकन किया गया तथा विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की गई। सभी बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए विभिन्न जिलों से आए विद्यालयों को गणित एवं विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गणित विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालयों का चयन किया गया&comma; जिसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय&comma; हरिपुर कैमूर&comma; पो&period; मध्य विद्यालय&comma; इटहरी&comma; बांका&comma; उ० म० वि० पहाडपुर कटिहार&comma; उ० म० वि० डुमरा टोल&comma; समस्तीपुर&comma; मध्य विद्यालय दतियाना&comma; पटना शामिल हैं। इसी प्रकार विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित विद्यालयों में मध्य विद्यालय रामनगर&comma; मुंगेर&comma; मध्य विद्यालय बीहट&comma; बेगूसराय&comma; बुनियादी विद्यालय&comma;वृंदावन&comma; उत्क्रमित मध्य विद्यालय&comma; बंधु बिगहा&comma; अरवल&comma; और मध्य विद्यालय कुड़वा गयाजी शामिल है। वहीं राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस मौके पर संयुक्त निदेशक &lpar;डायट&rpar; श्री समर बहादुर&comma; संयुक्त निदेशक &lpar;प्रशासन&rpar; श्रीमती शुषमा कुमारी&comma; विभागाध्यक्ष स्नेहाशीष दास&comma; श्री इम्तियाज आलम एवं विभा रानी&comma; सभी जिलों के जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक&comma; साइंस फॉर सोसाइटी के प्रोफेसर श्री अरुण कुमार&comma; मंत्रा सोशल सर्विसेज के प्रतिनिधि श्री सौरभ सिंह&comma; श्री नीरज दास गुरु&comma; सभी जिलों से आए अभिभावक उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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