5 दिनों से लापता कौन पूरा का चंदन लौटा घर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon; <&sol;strong>गोनपुरा से पांच दिन पूर्व रहस्मय ढंग से लापता चंदन शनिवार की देर रात बदहवास हालत में अपने घर पहुंच गया। वह रात के 12 बजे अपने घर पहुंच कर दरवाजा खोलने के लिए खटखट किया और धड़ाम से बेहोश होकर गिर गया। परिजनों ने दरवाजा खोला और बदहवास हालत में चंदन को देख तत्काल पुलिस को सूचना दिया और लेकर इलाज के लिए अस्पताल भागे। इलाज के बाद थोड़ा ठीक हो चुके चंदन ने अपने अपहरण की पूरी बात बताई मगर पुलिस को उसके बयान पर भरोसा नहीं हो रहा है।<br>चंदन ने बताया कि वह पांच दिन पूर्व गांव में हो रहे यज्ञ से रात के 11 बजे वापस आ रहा था तब उससे घर से कुछ दूरी पर दो लोग मिले और दूसरे गांव का पता पूछा। इस दौरान वह जैसे ही उनके पास गया दोनों ने उसके मुंह पर स्प्रे मार दिया और वह बेहोश हो गया। उससे जब होश आया तब उसने अपने आप को एक कमरे में बंद पाया। उस कमरे में एक पेचकस रखा हुआ था। पहले दिन वह कुछ समझ नहीं पाया। उसने बताया कि एक समय खाना देने के लिए मुंह बांध कर एक व्यक्ति आता और खाना देकर दरवाजा बंद कर चला जाता था। उसके बाद चंदन ने कमरे में रखे बड़ा सा पेचकस से खिड़की में लगा ग्रिल खोलने लगा मगर स्प्रे के असर के कारण वह कुछ समय बाद सो जाता था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तीन दिनों तक उसने धीरे धीरे कर खिड़की में लगा ग्रिल का पेंच खोल दिया और ग्रिल हटा खिड़की खोल भाग निकला। उससे भागता देख एक आदमी पकड़ने के लिए पीछा किया मगर अंधेरा होने के कारण वह उसका अधिक पीछा नहीं कर सका । चन्दन ने अपने अपहरण की अनूठी कहानी में बताया है कि भागने के दौरान वह दो बार नदी पार कर किसी प्रकार गांव पहुंचा। रास्ते में थकान से उसका पैंट बार बार गिर जा रहा था। तब उसने खेत से नेवार लेकर रस्सी बना पैंट को कमर से बांध लिया और भागता भागता अपने घर तक पहुंचा। घर पहुंचने के साथ ही वह दरवाजा पर गिर कर बेहोश हो गया। चंदन की बहन सरिता ने बताया कि शनिवार की देर रात हम लोगाें को एहसास हुआ कि कोई दरवाजा खोलने को कह रहा और धड़ाम से गिरने की आवाज हुई। हम ननद भौजाई ने दरवाजा खोला तो देखा कि भैया बेहोश गिरे हुए हैं। हम लोगों ने इस बात की जानकारी पुलिस को दिया और तत्काल उठा कर भैया को इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे। जहां इलाज के बाद उनकी स्थति में कुछ सुधार हुआ। वहीं इस मामले में फुलवारी शरीफ थानाध्यक्ष का कहना है कि चंदन को पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसका बयान लिया जायेगा। वैसे जो वह कह रहा है उस पर अभी भरोसा नहीं बैठ रहा है। मामला कुछ और है जिससे चंदन छुपा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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