पटना विमेंस कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>पटना विमेंस कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 23 और 24 जुलाई को &&num;8220&semi;बायोटेक्नोलॉजी टेक्नीक्स&&num;8221&semi; विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्नातक&comma; स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके वैज्ञानिक एवं शोध संबंधी कौशल को विकसित करना था। कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्या डॉ&period; सिस्टर एम&period; रश्मि ए&period;सी&period;&comma; उप-प्राचार्या डॉ&period; सिस्टर एम&period; तनिशा ए&period;सी&period;&comma; अविला कॉन्वेंट की सुपीरियर डॉ&period; सिस्टर जिन्सी ए&period;सी&period; तथा विज्ञान संकाय की डीन डॉ&period; भावना सिन्हा की उपस्थिति में हुआ। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अतिथियों ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण&comma; व्यावहारिक दक्षता और शोध-उन्मुख सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। दो दिनों तक आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को डीएनए आइसोलेशन&comma; पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन &lpar;PCR&rpar;&comma; सूक्ष्मजीव कल्चर&comma; बायोरिएक्टर एवं फर्मेंटर संचालन&comma; सूक्ष्मजीव वृद्धि विश्लेषण&comma; प्रोटीन निष्कर्षण&comma; SDS-PAGE&comma; एगारोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस&comma; जेल स्टेनिंग और बैंड विजुअलाइजेशन जैसी महत्वपूर्ण जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे प्रतिभागियों को आणविक जीवविज्ञान&comma; सूक्ष्मजीवविज्ञान&comma; बायोप्रोसेस तकनीक और प्रोटीन विश्लेषण की आधुनिक प्रयोगशाला प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिली।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ&period; आरती कुमारी के नेतृत्व में डॉ&period; आलोक रंजन&comma; डॉ&period; विवेक राज एवं डॉ&period; प्रेमलता कुमारी ने किया। कार्यक्रम में पटना विमेंस कॉलेज के अलावा कॉलेज ऑफ कॉमर्स&comma; आर्ट्स एंड साइंस&comma; मगध महिला कॉलेज&comma; वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय&comma; पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय तथा पटना विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भी भाग लिया। समापन समारोह में विज्ञान संकाय की डीन डॉ&period; भावना सिन्हा ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी शोध एवं व्यावहारिक अधिगम के माध्यम से वैज्ञानिक दक्षता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।<&sol;p>&NewLine;

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