नाईट ब्लड सर्वे का उत्सव में तब्दील होना फाइलेरिया उन्मूलन की राह करेगा आसान

&NewLine;<p><br><br><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> 23&comma; जून&colon; देश से 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को साकार करने में बिहार की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होने वाली है&period; देश को 14 दिनों का एमडीए प्लान मुहैया करा कर बिहार पहले ही फाइलेरिया उन्मूलन की प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर चुका है&period; फाइलेरिया उन्मूलन में नाईट ब्लड सर्वे पहली कड़ी के रूप में जाना जाता है&period; जिसके तहत रात्रि में 8&period;30 बजे से 12 बजे तक लोगों के ब्लड सैंपल माइक्रो फाइलेरिया दर का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है&period; माइक्रो फाइलेरिया दर से यह मालूम होता है कि उक्त क्षेत्र में फाइलेरिया प्रसार न्यूनतम स्तर तक आया है या नहीं&period; इससे ही एमडीए चलाने की जरूरत भी तय होती है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य में आगामी 10 अगस्त से 14 जिलों में एमडीए कार्यक्रम चलाया जाना है&period; इसके पूर्व इन सभी जिलों में प्रखंड स्तर पर नाईट ब्लड सर्वे किया जा रहा है&period; इसी क्रम में फाइलेरिया के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय सक्रिय रूप से पटना में नाईट ब्लड सर्वे साईट का पर्यवेक्षण कर इसकी गुणवत्ता को सुनश्चित करने में जुटे है&period; गुरूवार की रात में डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद एवं डॉ&period; राजेश पांडेय के साथ सेंटर फॉर एडवोकेसी के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक रणविजय कुमार ने फुलवारी शरीफ़ के गोनपुरा पंचायत स्थित नाईट ब्लड सर्वे साईट का दौरा किया&period; इस साईट को गुब्बारे से सजा कर इसे एक उत्सव में बदलने की कोशिश की गयी थी&period; जिसमें फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क के साथ स्थानीय लोगों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सहयोग किया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वाथ्यकर्मियों को दिया जरुरी दिशा-निर्देश&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>फाइलेरिया के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद ने साईट दौरे के दौरान सैंपल कलेक्शन में जुटे लैब टेकनीशियन को सैंपल कलेक्शन करने में तकनीकी बातों का ख्याल रखने की सलाह दी&period; वहीं&comma; उन्होंने कहा कि नाईट ब्लड सर्वे की सफलता एमडीए कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए बेहद जरुरी है&period; इस लिहाज से नाईट ब्लड सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरुरी है&period; उन्होंने इस दौरान एनएनएम&comma; आशा एवं आशा फैसिलिटेटर से भी नाईट ब्लड सर्वे एवं एमडीए को लेकर चर्चा की एवं उन्हें जरुरी दिशा-निदेश भी दिए&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>देश में लगभग 65 करोड़ आबादी<&sol;strong> फाइलेरिया के खतरे में&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय ने साईट पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि देश में लगभग 65 करोड़ की आबादी फाइलेरिया के ख़तरे में हैं&period; इससे बचाव का एमडीए ही एक मात्र उपाय है&period; उन्होंने कहा कि फाइलेरिया के परजीवी किसी के भी शरीर में मौजूद रह सकते हैं&period; शरीर में मौजूद फाइलेरिया परजीवी की पहचान सिर्फ नाईट ब्लड सर्वे के द्वारा ही संभव है&period; उन्होंने इसके बाद नाईट ब्लड सर्वे की उपयोगिता&comma; गुणवत्ता सुनिश्चित करने की तकनीकी पक्ष सहित एमडीए पर भी स्वास्थ्यकर्मियों को जानकारी दी&period; इस दौरान पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क से पटेल पंडित&comma; जितेन्द्र एवं रविन्द्र ने डॉ&period; परमेश्वर एवं डॉ&period; राजेश के साथ फाइलेरिया उन्मूलन की रणनीति पर चर्चा भी किया&period;<&sol;p>&NewLine;

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