श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में तुलसी जयंती सम्पन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना सिटी न्यूज क्राइम 24।<&sol;mark><&sol;strong> श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय के नवनिर्मित गुरु अर्जन देव सभागार में संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की 526वीं जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो०&lpar;डॉ०&rpar;कनक भूषण मिश्र ने किया। इस अवसर पर उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ&period;करुणा राय ने कहा कि तुलसीदास की रचनाओं में लोक मंगल की कामना दिखलाई देती है। तुलसीदास जी बहुत सारे ग्रंथो की रचना की जिसमें सबसे लोकप्रिय रामचरितमानस है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रामचरितमानस सबसे लोकप्रिय पुस्तक है जो भारत के प्रत्येक घर में है। लोग श्रद्धा से रामचरितमानस का पाठ करते हैं। इस अवसर पर डॉ अंबुज किशोर झा ने कहा कि यही वह समय था जिसमें तुलसीदास का जन्म संत के रूप में हुआ&comma;जो पत्नी प्रेम में तिरस्कार होना कारण रहा। मंच संचालन डॉ सुशील कुमार ने कहा कि लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय कर सके। तुलसीदास महात्मा बुद्ध के बाद भारत के सबसे बड़े लोकनायक थे। अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि संत तुलसीदास जी का जन्म श्रवण माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को तुलसी जयंती मनाई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तुलसीदास जी की जयंती पर इस महान कवि एवं उसके कार्यों के सम्मान में समर्पित है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी की दोहे में जीवन का सत्य तथा सफलता की कुंजी निहित है। तुलसीदास जी हिंदी साहित्य के महान कवि साहित्यकार एवं दार्शनिक थे। उनकी रचनाओं में काव्यगत विशेषताएं&comma; समन्वय की भावना आदर्श समाज की कल्पना&comma; नवो रसों पर काव्य की रचना&comma; भाव पक्ष तथा कला पक्ष दोनों उतना ही प्रमुख है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि इस अंधकार मय दुनिया में तुलसीदास एक प्रकाश की तरह चमकते हैं। जिनकी रोशनी से पूर्व और वातावरण लौकिक होता है। इस कार्यक्रम में डॉ संजय कुमार श्रीवास्तव&comma; डॉ ज्योति शंकर सिंह&comma; डॉ अनिल कुमार सिंह&comma; डॉ उमेश कुमार&comma; डॉ विजय नारायण सिंह&comma; डॉ अरुण कुमार&comma; डॉ के के धर&comma; डॉ नन्द कुमार यादव&comma;डॉ एस टी असलम&comma;डॉ सुबोध कुमार सिंह&comma; डॉ अरविंद कुमार सिंह&comma;डॉ विकास कुमार एवं बड़ी संख्या में शिक्षकेतर कर्मी&comma; छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थी। कार्यक्रम के अंत में मिश्री तथा तुलसी दल का प्रसाद के रूप में वितरण किया गया।<&sol;p>&NewLine;

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