जिले में आज होने वाले पीएमएसएमए अभियान एवं परिवार कल्याण दिवस की सफलता को लेकर बनाई गई भ्रमणशील टीम

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के आलोक एवं जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में कल मंगलवार को जिले में पीएमएसएमए अभियान के साथ ही जनसंख्या वृद्धि को कम करने को लेकर परिवार कल्याण दिवस का संचालन साथ-साथ किया जाएगा। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परिवार कल्याण दिवस एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शत प्रतिशत सफ़लता एवं समुचित क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय भ्रमणशील टीम बनायी गयी है। प्रत्येक टीम में ज़िले के दो-दो वरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनलोगों द्वारा भ्रमण कर कार्यक्रम का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पीएमएसएमए की सफलता से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी संभव&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि शिशु एवं मातृत्व मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के सफल संचालन को लेकर प्रत्येक महीने के 9 एवं 21 तारीख़ को ज़िले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पीएमएसएमए कार्यक्रम का संचालन किया जाता है। क्योंकि संपूर्ण गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की नियमित अंतराल पर प्रसव पूर्व चार &lpar;एएनसी&rpar; जांच अनिवार्य रूप से करायी जाती है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इससे गर्भवती महिलाओं में किसी तरह के संक्रमण&comma; एनीमिया का खतरा&comma; गर्भस्थ बच्चे का आकार एवं स्थिति से संबंधित किसी भी प्रकार की के कठिनाइयों को समय पर पता लगाकर इसका समुचित परामर्श एवं उपचार आसान हो जाता है। जिससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताएं कम हो जाती हैं। इससे मातृ-शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ज़िले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार कल्याण दिवस एवं पीएमएसएमए का आयोजन किया जाएगा। जिसके क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर सात भ्रमणशील टीम बनायी गयी है। जिसमें दो-दो अधिकारियों को शामिल किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर दो सदस्यीय भ्रमणशील टीम गठित&colon; डीपीएम<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि ज़िले में आज आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर सात भ्रमणशील टीम बनायी गयी है। जिसमें अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजेन्द्र प्रसाद मंडल एवं वीबीडी सलाहकार सोनिया मंडल को कसबा एवं जलालगढ़&comma; जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन एवं यूनिसेफ के नंदन कुमार झा को डगरुआ एवं बायसी&comma; जिला ग़ैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ विष्णु प्रसाद अग्रवाल एवं फाइनेंशियल <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एवं लॉजिस्टिक सलाहकार केशव कुमार को पूर्णिया पूर्व एवं श्रीनगर&comma; जिला संचारी रोग पदाधिकारी मिहिरकांत झा एवं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी आलोक कुमार को बनमनखी एवं के नगर&comma; जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास एवं यूनिसेफ के शिव शेखर आनंद को बैसा एवं अमौर&comma; जिला सामुदायिक उत्प्रेरक संजय कुमार दिनकर एवं जिला सलाहकार&comma; गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा को बी कोठी एवं धमदाहा&comma; जबकिं आयुष्मान भारत के डीपीसी नीलांबर कुमार एवं एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला को रुपौली एवं भवानीपुर की टीम में शामिल किया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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