बिहार में अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>खान एवं भूतत्व विभाग के माननीय मंत्री डॉ प्रमोद कुमार के कुशल प्रबंधन एवं नियमित अनुश्रवण के फलस्वरूप राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी&comma; वैधानिक तथा राजस्व सुदृढ़ बनाने की दिशा में बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। दिनांक 10 जून 2026 से अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर बिहार राज्य में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास &lpar;ISTP&rpar; अनिवार्य कर दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह प्रावधान बिहार खनिज &lpar;समानुदान&comma; अवैध खनन&comma; परिवहन एवं भंडारण निवारण&rpar; नियमावली&comma; 2019 &lpar;यथा संशोधित&rpar; के नियम 41 के अंतर्गत लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत अन्य राज्यों से बालू&comma; पत्थर&comma; स्टोन चिप्स&comma; मोरम&comma; स्टोन डस्ट आदि लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों को राज्य की सीमा में प्रवेश के समय ट्रांजिट पास प्राप्त करना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विभाग द्वारा निर्धारित विनियामक शुल्क के अनुसार&comma; जिन राज्यों से प्राप्त खनिज के परिवहन चालान में खनिज का वजन अंकित होगा&comma; उनके लिए ₹60 प्रति मीट्रिक टन की दर से ट्रांजिट पास लिया जाएगा। वहीं जिन चालानों में खनिज का आयतन अंकित होगा&comma; उनके लिए ₹85 प्रति घनमीटर की दर से ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस संबंध में माननीय खान एवं भूतत्व मंत्री&comma; बिहार सरकार&comma; डॉ&period; प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता&comma; तकनीक आधारित निगरानी तथा राजस्व सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंटर स्टेट ट्रांजिट पास &lpar;ISTP&rpar; व्यवस्था लागू होने से अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिजों के परिवहन का समुचित अनुश्रवण सुनिश्चित होगा तथा अवैध परिवहन की संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि राज्य में तीव्र गति से हो रहे अवसंरचना विकास कार्यों के कारण लघु खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि खनिजों के आयात&comma; परिवहन एवं उपयोग से संबंधित समुचित और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हों।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य में अवसंरचना विकास की तेज गति के कारण पड़ोसी एवं अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में बालू&comma; पत्थर सहित विभिन्न लघु खनिजों का आयात किया जा रहा है। वर्तमान में इन खनिजों की मात्रा&comma; प्रकार और परिवहन के अनुश्रवण के लिए कोई समग्र प्रणाली लागू नहीं थी। नई व्यवस्था के तहत सिस्टम इंटीग्रेटर के माध्यम से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों का डिजिटल अनुश्रवण किया जाएगा। इस निर्णय से अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिजों के परिवहन पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी तथा अवैध परिवहन और एक ही चालान के आधार पर कई बार खनिज ढुलाई की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा। साथ ही&comma; आयातित खनिजों का सटीक डेटा उपलब्ध होने से नीतिगत निर्णय लेने में भी सहायता मिलेगी। इस नई व्यवस्था से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी&comma; खनिजों के वैध स्रोत की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी तथा खनन एवं परिवहन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी। साथ ही यह पहल पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

जहानाबाद में दहेज हत्या के लंबित मामलों की समीक्षा, त्वरित कार्रवाई के निर्देश

अर्बन डी-कंजेशन की नई पहल, जाम से राहत, यातायात होगा और अधिक सुगम : इं. कुमार शैलेंद्र

अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा