परिवार नियोजन सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिये स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

&NewLine;<p>-नियोजन संबंधी सामग्री के बेहतर प्रबंधन के लिहाज से फैमली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम महत्वपूर्ण<br &sol;>-परिवार नियोजन संबंधी अस्थायी साधन को बढ़ावा देना जनसंख्या स्थिरीकरण के लिहाज से जरूरी<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कटिहार&colon;<&sol;strong> फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति कटिहार द्वारा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को किया गया। जिला अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ डीएन पांडेय&comma; एसीएमओ डॉ कनिका रंजन&comma; प्रभारी डीपीएम किसलय कुमार&comma; जिला मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी राजेश कुमार&comma; केयर इंडिया के डीटीएल प्रदीप कुंमार बेहरा ने सामूहिक रूप से किया। कार्यशाला में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी&comma; स्टोर कीपर&comma; प्रखंड सामुदायिक प्रबंधक व प्रखंड मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>परिवार नियोजन सामग्री का बेहतर प्रबंधन प्रशिक्षण का उद्देश्य &colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ डॉ डीएन पांडेय ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर कुल 12 प्रकार के स्थाई व अस्थाई संसाधन मौजूद हैं। इसमें कंडोम&comma; अंतरा इंजेक्शन&comma; छाया गोली&comma; माला एन व अन्य शामिल हैं। प्रखंड स्तर पर इन संसाधन की उपलब्धता निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। ताकि प्रखंड स्तर पर इन सामग्रियों के मांग के अनुरूप आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा सके। लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के माध्यम से प्रखंड भंडार गृह में इन सामग्रियों की उपलब्धता का पता लगाना आसान है। इसके आधार पर एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड को उक्त सामग्री हस्तगत कराना आसान हो सकता है। ऑन लाइन माध्यम से परिवार नियोजन के उपायों को लेकर उपलब्ध सामग्री के प्रबंधन को बेहतर बनाना व रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए आम लोगों को नियोजन संबंधी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिहाज से प्रशिक्षण कार्यक्रम को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आसान होगी अनुश्रवण की प्रक्रिया &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में भाग ले रहे केयर इंडिया के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर अविनाश कात्यायन&comma; फैमिली प्लानिंग कॉर्डिनेटर इमोन दास&comma; मो मंजूर रहमान खान ने स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न सामग्री उपलब्ध करायी जाती है। इसके लॉजिस्टिक मैनेजमेंट की प्रक्रिया को दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन सिस्टम विकसित किया गया है। इसकी मदद से जिला&comma; राज्य व केंद्र स्तर पर परिवार नियोजन से जुड़ी समाग्रियों का ससमय बेहतर अनुश्रवण सुनिश्चित करायी जा सकेगी। ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करायी जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हर स्तर नियोजन के अस्थायी साधन की उपलब्धता जरूरी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षक के दौरान बताया गया कि लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के माध्यम से परिवार नियोजन के साधनों की मांग व वितरण में पारदर्शिता आयेगी। इसके माध्यम से परिवार नियोजन के उपायों से जुड़े संसाधन की मॉनिटरिंग राज्य स्तर से आशा के स्तर तक किया जा सकेगा। इससे परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों की उपलब्धता जिला से लेकर ग्राम स्तर पर सुनिश्चित करायी जा सकेगी। ताकि कोई भी दंपति अपनी रुचि के आधार पर इन साधनों का चयन करते हुए इसका लाभ उठा सके। जो जिले के प्रजनन दर में कमी लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मौके पर जिला आशा सहायक सुरेश कुमार&comma; बीएम केयर निशांत कुमार सहित अन्य मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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