“डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत आशा, एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटर को दिया गया प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया और केनवू के सहयोग से डगरुआ प्रखंड में &OpenCurlyDoubleQuote;डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत सभी आशा&comma; एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय में डायरिया की रोकथाम&comma; समय पर पहचान तथा सही उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण के दौरान प्रोग्राम मैनेजर पंकज कुमार राय पी एस आई इंडिया द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को डायरिया के लक्षणों की पहचान&comma; ओआरएस और जिंक के सही उपयोग&comma; बच्चों में डिहाइड्रेशन की पहचान तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि डायरिया जैसी बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है&comma; बल्कि समय पर सही इलाज और सावधानी से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण में कर्मियों को बताया गया कि साफ-सफाई&comma; सुरक्षित पेयजल का उपयोग&comma; हाथ धोने की आदत और बच्चों को समय पर ओआरएस एवं जिंक देना डायरिया से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। आशा एवं एएनएम को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को इन उपायों के बारे में जागरूक करें और डायरिया के मामलों में तुरंत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में &OpenCurlyDoubleQuote;डायरिया से डर नहीं” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करेंगे और समुदाय को स्वस्थ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस प्रशिक्षण में डगरुआ प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी&comma; बीएचएम&comma; बीसीएम&comma; एफपीसी पीएसआई इंडिया&comma; सभी आशा फेसिलेटर&comma; एएनएम एवं आशा कर्मियाँ उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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