डांसरों को बताया नारी शक्ति, कहां की आजकल भव्यता की ही पूजा हो रही

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">बलिया&comma; संजय कुमार तिवारी।<&sol;mark><&sol;strong> भी दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाला ऐतहासिक व धार्मिक ददरी मेले में भारतेंदु कला मंच की गरीमा ताख पर रखकर नगर पालिका परिषद बलिया ने जनता के गाड़ई कमाई से देश के सबसे साहित्यिक और धार्मिक मंच पर कराई जा रही है फूहड़ नाच और गाने लोगों में काफी आक्रोश है नगर पालिका के अध्यक्ष ने इस नाच को अभद्रता तो माना। वहीं दूसरी तरफ नाचने वाली स्टेज डांसरों को नारी शक्ति बता रहे हैं। वही चेयरमैन कहां की आजकल भव्यता की ही पूजा हो रही है<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वी ओ 1-जरा इस नाच को देखिए और सुनिए या किसी शादी समारोह के नहीं है यह कार्यक्रम सबसे धार्मिक और साहित्यिक मंच राजा हरिश्चंद्र द्वारा स्थापित भारतेंदु कला मंच के तस्वीरें हैं जिससे गरिमा को खुलेआम धूमिल किया जा रहा है ।शादियों में नाचने वाली इस कलाकारों को इस मंच पर नचाया जा रहा है इस मेले के आयोजन नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष ने कहा यह धार्मिक मेला है महर्षि भृगु कि शिष्य दर्दर मुनी के नाम पर 5 करोड़ लागत से इस मेला का आयोजन हुआ है। इस अश्लील बार बालाओ के नाच के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि इसमें थोड़ी सी अभद्रता तो हो सकती है लेकिन यह नाचने वाली नारी शक्ति हैं आजकल भव्यता पूजा होती है हमें सोच को बदलना चाहिए<&sol;p>&NewLine;

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