महादलित टोले में कोई सुविधा नहीं, जताया आक्रोश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>नालंदा&comma; राकेश<&sol;strong> à¤¨à¤¾à¤²à¤‚दा हरनौत सरथा पंचायत को करीब चार वर्ष पूर्व चंडी प्रखंड से हटाकर हरनौत प्रखंड में जोड़ा गया था ताकि प्रशासनिक कार्यों के निपटारा में सहूलियत हो और जनता को अधिक से अधिक लाभ मिलें।उस समय पंचायत के जनसंख्या 9 हजार 876 थी।अब तो यह आंकड़ा काफी बढ़ गया। जिसमें सरथा &comma; बहादुर &comma; चैनपुर &comma;गंगा बिगहा &comma; गिरधरचक और टाडापर प्रमुख गांव है। जिसमें कुल की संख्या 14 वार्ड है। इसी में बात करें वार्ड संख्या 14 के टाडापर गांव के महादलित टोला की ।जहां समाजसेवी सह शिक्षाविद सुरेश सिंह&comma; छोटे मांझी &comma; मदन रविदास &comma; हरि चरण राम &comma; लक्ष्मण राम आदि ने बताया कि क्या इस महादलित टोला के लोग भारत के निवासी नहीं&comma; जो इस टोला में गली &comma; नली &comma; आदि सुविधाओं से वंचित रखा गया है। कहा कि कब तक इन सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एक ओर सरकार नेशनल हाईवे &comma; स्टेट हाईवे बड़ी -बडी इंफ्रास्ट्रक्चर आदि का निर्माण कर लोगों को सुविधाएं दे रही है लेकिन यहां छोटी-छोटी गली &comma; नली आदि से वंचित रखा गया है। उन्होंने बताया कि यहां करीब 150 घर महादलित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि यहां पक्की गली व नली का निर्माण हो। वहीं इस संबंध में सरथा पंचायत सचिव श्रवण प्रसाद सिंह ने बताया की इस समस्या से अवगत है।यहां कि योजना नहीं लिया लिया गया। जिसके कारण ये समस्या है। अगर लिख कर योजना दिया जाएगा तो ग्राम सभा में चढ़ाया जाएगा।फिर योजना पास होने के बाद बनेगा<&sol;p>&NewLine;

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