दर्द से कहराती रही 15 बार नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गया परिवार सिविल अस्पताल में प्रसूता की मौत!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पानीपत&comma; à¤§à¤°à¥à¤®à¤µà¥€à¤° शर्मा <&sol;strong>&colon; सिविल अस्पताल के लेबर वार्ड में स्वास्थ्य कर्मचारियों और डॉक्टरों की संवेदनहीनता और कथित लापरवाही के कारण एक 25 वर्षीय प्रसूता &lpar;जच्चा&rpar; की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख सीनियर डॉक्टर रिंकू सांगवान मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराते हुए दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाथरूम में फिसलने के बाद दोबारा भर्ती कराई गई थी प्रसूता<br &sol;>डाबर कॉलोनी निवासी उमेश ने घटना की बताया कि उनके छोटे भाई बिमलेश की शादी करीब 4 साल पहले विद्यानंद कॉलोनी की रहने वाली किरण &lpar;25&rpar; के साथ हुई थी। रविवार को किरण ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के बाद मंगलवार को जच्चा और बच्चा दोनों को छुट्टी दे दी गई थी। घर पहुंचने के बाद बाथरूम में किरण का पैर फिसल गया&comma; जिससे उसे चोट लग गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परिजन उसे तुरंत वापस सिविल अस्पताल ले आए&comma; जहां डॉक्टरों ने उसे दोबारा लेबर वार्ड में भर्ती कर लिया। मंगलवार से ही उसका इलाज चल रहा था और सभी मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट नॉर्मल आ रही थीं&comma; लेकिन उसका दर्द कम नहीं हो रहा था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रातभर तड़पती रही किरण&comma; 15 बार गुहार लगाने पर भी नहीं जागा स्टाफ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शनिवार-रविवार की दरमियानी रात किरण की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ने लगी। उसे तेज दर्द के साथ-साथ सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। वार्ड में उसकी सास ऊषा और मां देखभाल के लिए मौजूद थीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परिजनों का आरोप है कि रातभर में वे कम से कम 15 बार नर्सिंग स्टाफ के कमरे में गए और मरीज की बिगड़ती हालत के बारे में बताया। परिजन गिड़गिड़ाए और स्टाफ के पैर तक पकड़े&comma; लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ अपनी नींद से नहीं उठा। कर्मचारियों ने यह कहकर अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया कि अब सुबह डॉक्टर ही देखेंगे।सुबह तोड़ दिया दम&comma; स्टाफ मौके से हुआ गायब।तड़के इलाज और ऑक्सीजन के अभाव में किरण ने दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत होते ही लेबर वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर स्थिति बिगड़ती देख एक-एक कर मौके से खिसक गए।महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल में एकत्र हो गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और सो रहे नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिलहाल सीनियर डॉक्टरों के आश्वासन के बाद पुलिस व प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।<&sol;p>&NewLine;

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