संभावित रोगियों की खोज, जांच व उपचार में निहित है टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong> राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले को टीबी मुक्त बनाने को लेकर किये जा रहे कार्यों की समीक्षात्मक बैठक जिला स्वास्थ्य समिति सभागार में आयोजित की गई। सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संबंधित विभिन्न मामलों गहन समीक्षा की गई। इसमें टीबी उन्मूलन के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने के लिये टीबी जांच का दायरा बढ़ाने व मरीजों को ससमय उपचार सहित सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में कारगर पहल पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सीडीओ डॉ वाईपी सिंह&comma; डीआईओ डॉ अजय कुमार सिंह&comma; डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह&comma; डब्ल्यूएचओ के कंसल्टेंट डॉ मेजर अवकाश सिन्हा&comma;डीपीएम संतोष कुमार&comma; जिला टीबी व एड्स समन्वयक दामोदर शर्मा&comma; डीपीसी राकेश कुमार&comma; डीसीएम सौरव कुमार सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी&comma; बीएचएम&comma; सभी एसटीएस व एसटीएलएस मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक टीबी की जांच करायें सुनिश्चित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता संभावित मरीजों की खोज&comma; जांच व समुचित उपचार में निहित है। लिहाजा हमें जांच का दायरा बढ़ाना होगा। विभिन्न संस्थानों में हर दिन टीबी से मिलते जुलते लक्षणों को लेकर इलाज के लिये आने वाले अधिक से अधिक मरीजों का टीबी जांच सुनिश्चित कराने का आदेश उन्होंने दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औसत 3&period;5 प्रतिशत के करीब है। इसे बढ़ा कर 5&nbsp&semi; प्रतिशत से अधिक करने का निर्देश उन्होंने दिया। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम प्रति माह निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक टीबी जांच सुनिश्चित कराने का आदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन में तेजी लाने की जरूरत<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डब्ल्यूएचओ के कंसल्टेंट डॉ मेजर अवकाश सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर सामूहिक प्रयास की जरूरत है। हमें निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ा कर अधिक से अधिक मरीजों तक जरूरी मदद उपलब्ध कराने की दिशा में जरूरी पहल करना होगा। सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर हर महीने के 16 तारीख को निक्षय दिवस का आयोजन करते हुए संभावितों की जांच सहित टीबी से बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूकता संबंधी गतिविधियों में&nbsp&semi; तेजी लाना होगा। उन्होंने टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन में तेजी लाने का सुझाव स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी मरीजों का नियमित फॉलोअप जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सीडीओ डॉ वाईपी सिंह ने कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राइवेट चिकित्सकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर टीबी मरीजों के प्राइवेट नोटिफिकेशन संबंधी मामलों में सुधार के साथ मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। जानकारी देते हुए जिला टीबी व एड्स समन्वयक दामोदर शर्मा ने बताया कि टीबी उन्मूलन के प्रयासों के तहत अधिक से अधिक संभावितों की जांच कर उन्हें जरूरी चिकित्सकीय मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में फिलहाल निक्षय मित्रों की संख्या 93 है। जिसकी मदद से करीब 283 मरीजों तक जरूरी पोषाहार सहित अन्य मदद उपलब्ध कराया गया है। निक्षय मित्रों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर जरूरी प्रयास किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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