स्कूल में दुर्गा वाहिनी के सात दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; पटना जिला अंतर्गत नेउरागंज सराय में स्थित फील्ड ग्लोबल स्कूल में दुर्गा वाहिनी के सात दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;06&sol;img-20250612-wa00298206789560813951720-600x270&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-71705" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समापन समारोह में दुर्गा वाहिनी बहनों ने सात दिनों के अंदर प्रशिक्षण स्वरूप नियुद्ध&comma;दंड&comma; तलवार&comma; छुरिका&comma; लक्ष्य भेद&comma; योग व्यायाम&comma; सूर्य नमस्कार&comma;आदि का अभ्यास किया। इस समापन समारोह में सभी विषयों का प्रदर्शन भी किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी माननीय जगन्नाथ शाही ने कहा की दुर्गा शब्द ही शौर्य का प्रतिक है&comma; यानी अन्याय को नहीं सहना&comma; धर्म की विजय करना और धर्म की हानी करने वालों को समूल नाश करना । दुर्गा वाहिनी के बहनों का जीवन भी ऐसा ही होना चाहिए।दुर्गा वाहिनी के सभी बहनों में माँ दुर्गा का आदर्श झलकना चाहीए। जब सृष्टि में घोर विपत्ति छाई थी तब मां दुर्गा ने ही संसार के कष्टों का निवारण किया। ठीक वैसे ही दुर्गा वाहिनी की समाज में भूमिका है&comma;समाज में जब-जब भी विपदा आती है तब तक दुर्गा वाहिनी की बहने मैदान में स्वयं माँ दुर्गा बनकर उतरती है। आज दुर्गा वाहिनी की हजारों मिलन केंद्र&comma; शक्ति साधना केंद्र&comma; बाल संस्कार केंद्र देश भर में चल रहे हैं। लव जिहाद जैसा कोई भी विषय आता है तो उसके दमन के लिए दुर्गा वाहिनी की बहने खड़ी रहती है&comma; हमें अपने घरों में भी इस प्रकार का संस्कार युक्त वातावरण का निर्माण करना है। बसुधैव कुटुंब कि हमारी अवधारणा समाज में पुनः स्थापित हो&comma; इसके लिए हम सभी को पूरी मजबूती के साथ काम करना है। संयुक्त परिवार भारत का आदर्श परिवार है। जहां दादा-दादी चाचा चाची भाई बहन जैसे रिश्तो की छांव में बच्चे पल्लवी पुष्पित और संस्कारित होते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का संचालन दुर्गावाहिनी की प्रान्त संयोजिका पिंकी कुमारी ने किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस कार्यक्रम में डॉ&period; शोभा रानी सिंह मातृशक्ति क्षेत्र संयोजिका &comma; डॉ&period; गिनी झाखनवाल प्रान्त उपाध्यक्ष&comma;श्री निशांत कुमार निर्देशक मेंफील्ड ग्लोबल स्कूल&comma; सुश्री मनु प्रियम मातृशक्ति प्रान्त संयोजिका दक्षिण बिहार&comma;शिवानी कुमारी प्रांत संयोजिका उत्तर बिहार मंच पर उपस्थित रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में प्रान्त मन्त्री सन्तोष जी&comma; सेवा प्रमुख सुग्रीव जी&comma;सम्पर्क प्रमुख राजीव जी&comma;अर्चक सम्पर्क प्रमुख उपेन्द्र तिवारी जी&comma; मिलन प्रमुख उपेन्द्र बजरंगी&comma; समरसता प्रमुख सन्दीप जी &comma; साकेत आनंद जी सहित सैकड़ो की संख्या में बुद्धिजीवी गणमान्य उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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