हड्‌डी की जगह दिल का आप्रेशन परिजनों पर गंभीर आरोप लगाया पुलिस ने की गलत FIR

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पानीपत&comma; à¤§à¤°à¥à¤®à¤µà¥€à¤° शर्मा &colon;  <&sol;strong>शहर के चर्चित पार्क अस्पताल में पैर की हड्डी का इलाज कराने आई महिला गुड्‌डी देवी के दिल का ऑपरेशन &lpar;छल्ला डालना&rpar; करने और मरीज की मौत के मामले में सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अस्पताल की CEO सपना ने अपनी गलतियों को तो स्वीकार किया&comma; लेकिन साथ ही परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को नियम विरुद्ध बताया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;07&sol;img-20260728-wa00108807113741223166401-840x507&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-89485" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल ने मानी स्टाफ की बड़ी गलती<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपनी सफाई पेश करते हुए पार्क अस्पताल प्रशासन ने यह स्वीकार किया कि उनके स्टाफ से लापरवाही हुई है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि सहमति &lpar;कंसेंट&rpar; फॉर्म के हस्ताक्षर वाले कॉलम में अस्पताल के ही स्टाफ ने खुद से मरीज के परिजनों का नाम लिख दिया था&comma; जो कि प्रशासनिक स्तर पर स्टाफ की एक बड़ी गलती रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पहली बार मना किया था&comma; बाद में बेटे से फोन पर ली सहमति<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल ने अपनी सफाई में दावा किया कि जब परिजनों को मरीज के दिल की बीमारी और छल्ला डालने की बात बताई गई&comma; तो पहली बार में उन्होंने मना कर दिया था। हालांकि&comma; इसके बाद उन्हें बीमारी की गंभीरता के बारे में कई बार समझाया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने अंत में महिला के बेटे से फोन पर बातचीत की और उसकी सहमति मिलने के बाद ही दिल में छल्ला &lpar;स्टेंट&rpar; डाला गया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>परिजनों पर पैसों की मांग का आरोप&comma; FIR रद्द करने की मांग<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पीड़ित परिवार पर पलटवार करते हुए अस्पताल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल से पैसों की मांग की थी। जब अस्पताल ने उनकी यह मांग पूरी नहीं की&comma; तो उन्होंने हंगामा और पुलिस केस किया। अस्पताल प्रशासन ने अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को गलत ठहराया है। इस संबंध में उन्होंने एसपी भूपेंद्र सिंह के नाम एक पत्र लिखकर मुकदमा रद्द करने की मांग की है। अस्पताल का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट&sol;मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार&comma; किसी अस्पताल या डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने से पहले मेडिकल फिर बोर्ड द्वारा जांच कराया जाना अनिवार्य है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं&comma; तभी केस दर्ज होना चाहिए&comma; जबकि पुलिस ने बिना किसी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज की है।<&sol;p>&NewLine;

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