कहार के कंधे पर हुई बड़ी देवी मां की विदाई, भावविभोर श्रद्धालुओं ने दी अश्रुपूर्ण विदाई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> पटना के फुलवारी शरीफ में श्रद्धा&comma; आस्था और भक्ति का केंद्र माने जाने वाले पेठिया बाजार स्थित बड़ी देवी दुर्गा स्थान की प्रतिमा का विसर्जन गुरुवार को अनूठे ढंग से हुआ&period; करीब सौ वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत बड़ी देवी जी की विदाई कहार कंधे पर की गई&period; कंधे पर प्रतिमा उठाकर नगर परिक्रमा के बाद प्रखंड शिव मंदिर तालाब में विसर्जन कराया गया&period;बड़ी देवी जी का मिलन संगत पर स्थित मां शीतला मंदिर में काली जी की प्रतिमा के साथ भी कराया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं&period; पुष्प वर्षा करते हुए लोग मां को विदाई देते रहे और गगनभेदी जयकारे से वातावरण गूंजता रहा&period; बैंड-बाजों और झाड़-फाटक के साथ जब कहार कंधे पर बड़ी देवी जी की प्रतिमा लेकर निकले तो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नगर भ्रमण के दौरान चौराहे पर प्रतिमा की विशेष आरती उतारी गई&period; विदाई यात्रा में आसपास के सैकड़ों गांवों से लोग शामिल हुए&period; श्रद्धालुओं ने इसे कंधे पर विदाई की अनूठी परंपरा बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विसर्जन यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे&period; डीएसपी सुशील कुमार सिंह&comma; थाना अध्यक्ष मोहम्मद गुलाम शाहबाज आलम&comma; रैपिड एक्शन फोर्स और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे&period; सीआईडी के अधिकारी केशरी चंद और सुषमा कुमारी सहित कई पूजा समितियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुवार दोपहर से ही फुलवारी शरीफ और आसपास की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा&period; दूसरे दिन भी रामनगर बोचा चक और किसान कॉलोनी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया&period; शिव मंदिर तालाब में विसर्जन के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए थे और तालाब को अस्थायी रूप से तैयार किया गया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दुर्गापूजा के समापन के साथ ही मंगलवार से ही विभिन्न पूजा समितियों ने धार्मिक रीति-रिवाज के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू कर दिया था&period; चुनौती कुआं&comma; ईसापुर&comma; कुरकुरी&comma; बहादुरपुर&comma; साकेत बिहार&comma; चौहरमल नगर और खोजा इमली इलाके की प्रतिमाओं का विसर्जन फुलवारी शरीफ प्रखंड शिव मंदिर तालाब में हुआ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं&comma; गौरीचक&comma; संपतचक&comma; परसा बाजार&comma; जानीपुर और इलाही बाग की प्रतिमाओं का विसर्जन पुनपुन नदी और आसपास के तालाबों-पोखरों में कराया गया&period; रामकृष्ण नगर&comma; जगनपुरा&comma; खेमनीचक&comma; बेऊर&comma; अनीसाबाद&comma; इतवारपुर और कुरथौल की कई बड़ी प्रतिमाओं को श्रद्धालु बैंड-बाजों के साथ गंगा घाट ले जाकर विसर्जित करते रहे। महिलाओं ने विदाई से पहले मां को खोंइछा चढ़ाया और विदाई गीत गाए&period; पंडालों से प्रतिमाओं को निकलते समय आयोजकों और श्रद्धालुओं के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।<&sol;p>&NewLine;

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