श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर फुलकाहा में मां दुर्गा प्रतिमा का आठवां स्थापना दिवस 25 जून को, तैयारियां जोरों पर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;strong>सीमावर्ती क्षेत्र फुलकाहा स्थित ऐतिहासिक एवं श्रद्धा के केंद्र श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की संगमरमर प्रतिमा का आठवां स्थापना दिवस आगामी 25 जून 2026 को श्रद्धा&comma; भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। स्थापना दिवस को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा समिति के सदस्य मंदिर परिसर की साफ-सफाई&comma; रंग-रोगन&comma; विद्युत सज्जा एवं आकर्षक सजावट के कार्य में जुटे हुए हैं। पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी&comma; जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिला भक्त शामिल होंगी। वहीं शाम में अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा&comma; जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो जाएगा। स्थापना दिवस समारोह के उपरांत 27 जून से राज योगिनी ब्रह्मचारिणी दीदी प्रभा जी के श्रीमुख से श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ होगा। कथा के दौरान दूर-दराज क्षेत्रों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ब्रिटिश काल से जुड़ा है मंदिर का गौरवशाली इतिहास&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलकाहा का यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान माना जाता है। बताया जाता है कि यह मंदिर ब्रिटिश काल से अस्तित्व में है। प्रारंभिक समय में माता की पूजा-अर्चना चतरा स्थित एक मंदिरनुमा भवन में होती थी। क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था और जनसहयोग से वर्ष 2018 में संगमरमर का भव्य एवं विशाल मंदिर निर्माण कराया गया। इसी मंदिर में 25 जून 2018 को मां भगवती&comma; भगवान गणेश&comma; माता लक्ष्मी&comma; माता सरस्वती एवं भगवान कार्तिकेय की विशाल संगमरमर प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा एवं स्थायी स्थापना की गई थी। इसके बाद 19 अप्रैल 2019 को पवनपुत्र हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना हुई। तभी से प्रतिवर्ष स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>माता के दरबार में पूरी होती हैं श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंदिर के पुजारी मनोज झा ने बताया कि मां दुर्गा के इस पावन दरबार में जो भी श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करने आते हैं&comma; उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि माता के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है और श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार मंदिर में दान एवं सहयोग भी करते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आस्था और विश्वास का प्रतीक है मंदिर&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पूजा समिति के अध्यक्ष श्यामदेव यादव&comma; उपाध्यक्ष रंजीत ठाकुर एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि क्षेत्र की आस्था&comma; विश्वास और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मां दुर्गा की कृपा से यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ तैयारी में लगे हुए हैं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समिति के सचिव उमा प्रसाद साहा&comma; कोषाध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि मंदिर परिसर की साफ-सफाई&comma; रंग-रोगन&comma; सजावट एवं अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थापना दिवस समारोह को लेकर पूरे फुलकाहा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और श्रद्धालु बेसब्री से मां दुर्गा के इस पावन उत्सव का इंतजार कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;

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