सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित मातृ-शिशु अस्प्ताल का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित मातृ-शिशु अस्पताल का जिलाधिकारी अनिल कुमार ने शनिवार को निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस क्रम में उन्होंने अस्पताल में बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता व मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते स्वास्थ्य अधिकारियों को कई जरूरी निर्देश दिये। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधा व मरीजों की सहूलियत को ध्यानद में रखते हुए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इस क्रम में सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप&comma; सदर एसडीओ अनिकेत कुमार&comma; सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकाश कुमार राय&comma; डीपीएम संतोष कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों की सुविधा के लिये हो हेल्प डेस्क संचालित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने निरीक्षण के क्रम में अस्पताल के विभिन्न वार्डों&comma; ऑपरेशन थिएटर&comma; नवजात शिशु देखभाल इकाई &lpar;SNCU&rpar;&comma; प्रसूति वार्ड और आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता व अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। जिलाधिकारी ने दूर-दराज इलाकों से इलाज के लिये आने वाले मरीजों को सुविधा को ध्यान में रखते हुए हेल्प डेस्क के निर्माण का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। इससे मरीजों व उनके परिजनों को अस्पताल की विभिन्न सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। जिलाधिकारी ने अस्पताल में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने प्रसूता के साथ केवल एक अटेंडेंट के लिये डिजिटल पास जारी करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में अनावश्यक भीड़-भाड़ से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है। स्वच्छता व प्रबंधन संबंधी इंतजाम प्रभावित होते हैं। डिजिटल पास जारी किये जाने से अस्पताल की बेहतर सफाई व समुचित रखरखाव संभव होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को सुविधाजनक इलाज उपलब्ध कराने की हो रही पहल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी से प्राप्त दिशा निर्देश का जल्द अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। मातृ-शिशु अस्पताल में लगातार सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी तरह के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराये जा रहे हैं। डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि मातृ-शिशु अस्पताल में 12 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश एसएनसीयू को शिफ्ट किया गया है। इससे बीमार नवजात का गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो सकेगा। इससे पहले एसएनसीयू अस्पताल परिसर स्थित एक जर्जर भवन में संचालित था।<&sol;p>&NewLine;

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