मुख्यमंत्री ने फुलवारी शरीफ स्थित पटना डेयरी प्रोजेक्ट का किया औचक निरीक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना डेयरी प्रोजेक्ट &lpar;सुधा&rpar;&comma; फुलवारी शरीफ का औचक निरीक्षण किया&period; इस दौरान उन्होंने उत्पादन इकाइयों&comma; आइसक्रीम प्लांट&comma; दही कोल्ड रूम और अन्य सेक्शनों का बारीकी से जायजा लिया&period; मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की और डेयरी सेक्टर के समग्र विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए&period;मुख्यमंत्री का यह दौरा डेयरी सेक्टर में बड़े बदलावों और विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति&comma; विस्तार योजना और दुग्ध उत्पादकों से जुड़े आंकड़ों की प्रस्तुति दी&period; उन्होंने बताया कि राज्य में ग्रामस्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से अधिक है&comma; जिनसे 7&period;5 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं&comma; जिनमें लगभग 25 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं&period; प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम दूध का संकलन किया जाता है&comma; जो अधिकतम 30 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच जाता है&period; कॉम्फेड की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है और इसे और बढ़ाने की योजना पर कार्य हो रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुग्ध उत्पादन समितियों का विस्तार तेज गति से करें&period; उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को समितियों से जोड़ने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे&period; मुख्यमंत्री ने प्रोसेसिंग क्षमता&comma; प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर और मार्केट नेटवर्क में भी व्यापक विस्तार का निर्देश दिया&period; उन्होंने कहा कि प्लांट में कार्यरत कर्मियों के आवास की व्यवस्था भी प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से लागू कृषि रोड मैप ने राज्य के किसानों और दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है&period; कॉम्फेड के माध्यम से किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिल रहा है&period; सुधा द्वारा नए–नए उत्पाद लगातार बाजार में उतारे जा रहे हैं&comma; जिससे राज्य की डेयरी इंडस्ट्री और मजबूत हुई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रस्तुति के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कॉम्फेड के खुदरा विक्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 37 हजार हो गई है&comma; जिनमें 914 होल-डे-मिल्क बूथ शामिल हैं&period; सुधा के उत्पादों की उपलब्धता अब बिहार&comma; झारखंड सहित दिल्ली&comma; कोलकाता और पूर्वोत्तर राज्यों तक हो चुकी है&period; नालंदा डेयरी परियोजना में UHT प्लांट के कारण कॉम्फेड देश के विभिन्न हिस्सों में दूध की आपूर्ति कर रही है&period; वर्ष 2025 में कॉम्फेड ने 5 मीट्रिक टन घी अमेरिका और 8 मीट्रिक टन गुलाबजामुन कनाडा निर्यात कर अपनी वैश्विक उपस्थिति भी दर्ज कराई है। निरीक्षण के दौरान पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव सह कॉम्फेड अध्यक्ष डॉ&period; एन&period; विजयलक्ष्मी&comma; मुख्यमंत्री के सचिव डॉ&period; चंद्रशेखर सिंह&comma; विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ&period; गोपाल सिंह&comma; जिलाधिकारी पटना डॉ&period; त्यागराजन एस&period;एम&period;&comma; कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक और पटना डेयरी प्रोजेक्ट के एमडी रूपेश राज सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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