जिले के 317 वीएचएसएनडी साइट पर टेलीमेडिसीन सेवाओं का हुआ संचालन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon; <&sol;strong>जिले में ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिये शुक्रवार को ड्राईरन के सफल आयोजन किया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ड्राईरन के लिये जिले में 317 वीएचएसएनडी साइट चिह्नित किये गये थे। चयन में आंगनबाड़ी केंद्र व नियमित टीकाकरण के पूर्व निर्धारित स्थलों को प्राथमिकता दी गयी। अभियान के क्रम में कुल 499 एएनएम व जीएनएम ने स्पॉक व 37 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हब की भूमिका निभाई। ड्राई रन के सफल आयोजन को लेकर सभी स्पॉक निर्धारित समय पर संबंधित वीएचएसएनडी साइट पर पहुंच चुकी थी। जहां इलाज के लिये आने वाले मरीजों को मोबाइल व टैब के जरिये ऑनलाइन हब में बैठे चिकित्सिकों से सीधे मुखातिब हुए। रोगियों ने चिकित्सकों के समक्ष अपनी समस्या रखी। रोगियों को तत्काल दवा के पर्चे उपलब्ध कराते हुए उन्हें नि&colon;शुल्क दवा उपलब्ध करा दी गयी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>चिकित्सीय सेवाओं तक आसान होगी लोगों की पहुंच &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी इस क्रम में विभिन्न वीएचएसएनडी साइट का निरीक्षण करते देखे गये। टेलीमेडिसीन सेवाओं के बारे सिविल सर्जन ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य&comma; स्वच्छता व पोषण दिवस यानि वीएचएसएनडी सत्रों पर एएनसी व टीकाकरण संबंधी सेवाओं के साथ ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवा को जोड़ा गया है। इससे लोगों को उनके घर के पास ही इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। रोगियों को भी अपनी छोटी-मोटी समस्या के लिये बड़े अस्तपालों का चक्कर लगाने की मजबूरी से निजात मिल जायेगी। मुख्य अस्तपालों में रोगियों का दबाव कम होगा। ऑनलाइन तरीके से मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक से सीधे मुखातिब होंगे। परेशानी व लक्षण के आधार पर जांच व दवा से संबंधित सुझाव रोगियों को दी जायेगी। एएनएम के माध्मय से उन्हें तत्काल सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध करायी जायेगी। हर सप्ताह बुधवार को शुक्रवार को ये सेवा सभी वीएचएसएनडी सत्र पर आम लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कुल 317 वीएचएसएनडी साइट पर हुआ ड्राईरन का संचालन &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ई-संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवाओं के तहत जिले में 317 वीएचएसएनडी साइट पर ड्राई रन का आयोजन किया गया। अररिया में सबसे अधिक 63&comma; फारबिसगंज में 58 व जोकीहाट में 56 स्थलों पर सत्र का संचालन किया गया। इसके अलावा भरगामा में 15&comma; कुर्साकांटा में 16&comma; नरपतगंज में 28&comma; पलासी में 32&comma; रानीगंज में 35 व सिकटी में 14 वीएचएसएनडी साइट पर ड्राई रन का संचालन किया गया। इसमें कुल 499 एएनएम व जीएनएम व 37 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। ड्राईरन के तहत सैकड़ों मरीजों को जरूरी चिकित्सकीय परामर्श व नि&colon;शुल्क दवाएं उपलब्ध करायी गयी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दूर दराज इलाकों के मरीजों को होती है सहूलियत &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने बताया कि टेलीमेडिसीन सेवाओं के जरिये रोगी को अपने इलाज में होने वाली परेशानी से काफी हद तक छूटकारा मिल जायेगा। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में बेहतर चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में टेलीमेडिसीन सेवा बेहद कारगर होगा। इससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक गरीब व वंचित समुदाय के लोगों की पहुंच आसान होगी। इलाज के लिये दूर दराज के चिकित्सा संस्थानों में जाने की मजबूरी से उन्हें निजात मिल जायेगी। जटिल रोग से ग्रसित मरीजों को कूरियर के माध्यम से दवा उनके घर पहुंचायी जायेगी।<&sol;p>&NewLine;

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