सम्मान समारोह में शिक्षक हुए सम्मानित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार की राजधानी पटना कदमकुआं स्थित बिहार हिंदी साहित्य सम्मलेन सभागार में बीते रविवार को बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ की अध्यक्षता में मानवाधिकार टुडे द्वारा आयोजित गुरु सम्मान समारोह 2025 अपनी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह का उद्घाटन सिक्किम के पूर्व राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद ने किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री संजय कुमार&comma; अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति पटना विश्वविद्यालय प्रो&period; के&period; सी&period; सिन्हा&comma; पद्मश्री बिमल जैन&comma; पद्मश्री अशोक विश्वास एवं चर्चित साहित्यकार कुमार अरुणोदय शामिल हुए। समारोह में आगत अतिथियों का स्वागत संपादक डॉ शशि भूषण कुमार ने किया। वक्ता के रूप में डॉ पंकज&comma; डॉ ध्रुव कुमार एवं डॉ सुमेधा पाठक उपस्थित थे।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह को संबोधित करते हुए श्री गंगा प्रसाद ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के संवाहक है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक का कार्य विद्यार्थियों को सही मार्ग दिखाना और उस पर चलने हेतु प्रेरित करना है। न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि शिक्षा ही वह सर्वश्रेष्ठ माध्यम है जिसके द्वारा समाज का समावेशी सशक्तीकरण किया जा सकता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ अनिल सुलभ ने कहा कि शिक्षक का कार्य न केवल विषयगत जानकारी देना है&comma; बल्कि विद्यार्थियों को अभिप्रेरित भी करना है। पद्मश्री विमल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक का दर्जा ईश्वर के समान रखा गया है। शिक्षक ही वह होता है जो बिना किसी भेदभाव के विद्यार्थियों को शिक्षा देता है। पद्मश्री अशोक विश्वास ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा रोजगारपरक दिया जाना चाहिए। इसलिए सरकार को विद्यार्थियों के स्तरीय व्यावसायिक प्रशिक्षण पर विशेष बल देने की जरूरत है। डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना शिक्षक का परम दायित्व है और अनेक शिक्षक इस दायित्व को पूर्णता के साथ निर्वहन कर रहे है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ ध्रुव कुमार ने कहा कि डॉ&period; सर्वपल्ली राधाकृष्णन उच्च कोटि के शिक्षक थे। वे शैशवावस्था से ही तीक्ष्ण बुद्धि&comma; परिश्रमी व उच्च प्रतिभा के धनी थे। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में लागू करना चाहिए। डॉ&period; सुमेधा पाठक ने कहा कि भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति के रूप में विराजमान होने वाले डॉ&period; सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं है&comma; बल्कि व्यक्ति को समाज के लिए उपयोगी बनाना भी है। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान देता है&comma; बल्कि उन्हें अच्छे नागरिक भी बनाता है।” डॉ&period; पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चा शिक्षक वही है&comma; जो विद्यार्थियों को स्वयं सोचने में मदद करता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उपसंपादक अमित कुमार &&num;8216&semi;विश्वास&&num;8217&semi; ने कहा कि शिक्षक तीन श्रेणियों में विभक्त हैं &colon; अच्छा शिक्षक वह होता है जो विद्यार्थियों को सिर्फ विषय की जानकारी देते है। श्रेष्ठ शिक्षक वह होता है जो विद्यार्थियों को विषय की जानकारी देने के साथ-साथ उसे अनुशासित भी करता है। महान शिक्षक वह होता है जो विद्यार्थियों को विषयगत जानकारी देने के साथ-साथ उसे अनुशासित व आगे बढ़ने हेतु निरंतर अभिप्रेरित भी करता है। समारोह में मंच संचालन कौशर परवेज खान और धन्यवाद ज्ञापन डॉ आनंद मोहन झा ने किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिहार के सभी जिलों से चयनित श्रेष्ठ 11 गुरुओं को &&num;8216&semi;गुरु श्रेष्ठ सम्मान 2025&&num;8217&semi; एवं 51 गुरुओं को &&num;8216&semi;गुरु सम्मान 2025&&num;8217&semi; से सम्मानित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन 11 शिक्षकों को गुरु श्रेष्ठ सम्मान से सम्मानित किया गया &colon; प्रो&period; बैधनाथ मिश्रा&comma; डॉ अभय सिंह&comma;डॉ&period; तारकेश्वर पंडित&comma; डॉ&period; तूलिका सिंह&comma; डॉ अर्चना सिंह&comma; डॉ रजनीश कुमार&comma; निक्की कुमारी&comma; सौरव कुमार सुशीला देवी&comma; डॉ&period; सत्येंद्र कुमार एवं डॉ कुमारी नेहा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इन्हें 51शिक्षकों को गुरु सम्मान &&num;8211&semi; 2025 से सम्मानित किया गया &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>डॉ चंद्रजीत वर्मा&comma;धर्मेंद्र कुमार&comma; गणेश राज&comma; मृत्युंजय सिंह मुन्ना&comma; प्रियेश श्रीवास्तव&comma; राजकिशोर सिंह&comma; डॉ संगीता कुमारी साह&comma; उमेश प्रसाद सिंह&comma; चांदनी&comma; कुमारी पूनम&comma; उपेंद्र कुमार&comma; अनिल कुमार सिंह&comma; डॉ अलका मुकेश कुमार&comma; डॉ बबिता सिंह&comma; सादमा खान&comma; मनमोहन कुमार&comma; राकेश कुमार&comma; संजीव कुमार रंजन&comma; मो&period; इसरार अहमद&comma; आशीष उपाध्याय&comma; गिरीश दत्ता&comma; कमलेश कुमार&comma; मुकेश कुमार साह&comma; प्रीतम कुमार झा&comma; डॉ मुकुल कुमार&comma; दिव्या&comma; शैल कुमारी&comma; कुंदन कुमार&comma; डॉ राजा राम&comma; डॉ करुणा पीटर&comma; अखिलेश ठाकुर&comma; अविनाश कुमार&comma; उपेंद्र कुमार&comma; डॉ चंदा कुमारी राय&comma; डॉ धनंजय कुमार&comma; डॉ किरण सिंह&comma; रेणु सिंह&comma; बिनोद कुमार सिंह&comma; राजा राम चौरसिया&comma; किरण कुमारी&comma; राजेश कुमार मेहता&comma; मनोज कुमार त्रिपाठी&comma; ओम प्रकाश सिंह&comma; माधव कुमार सिंह&comma; डॉ सुदर्शन&comma; प्रशांत कुमार&comma; देवरात कुमार&comma; प्रेम रंजन सिंह&comma; अभिरंजन कुमार त्रिपाठी&comma; सत्य नारायण राय&comma; रूबी कुमारी&comma; मो&period; शाहनवाज अता&comma; और राहुल कुमार प्रभात<&sol;p>&NewLine;

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