टीबी मुक्त अभियान: टीबी मरीजों में निक्षय मित्र लगातार कर रहे हैं फूड पैकेट का वितरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हरसंभव पहल की जा रही है। ताकि वर्ष 2025 तक देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाया जाए। इस बाबत भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया चुका है। सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि सरकार के लक्ष्य को हमलोगों द्वारा हर हाल में पूरा करना है। टीबी संक्रमित मरीज़ों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। à¤Ÿà¥€à¤¬à¥€ बीमारी का इलाज़ एवं दवा सरकार के द्वारा बिल्कुल ही निःशुल्क दी जाती है। इसके लिए समय पर जांच और इलाज शुरू कराना पड़ेगा। इसीलिए लक्षण दिखते ही संबंधित मरीजों को जल्द से जल्द स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों या नज़दीकी सरकारी अस्पतालों में जांच करानी चाहिए। चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवा खाने की जरूरत होती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल परिसर स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र के सभागार में निक्षय मित्र के द्वारा दर्जनों टीबी मरीज़ों में पौष्टिक आहार खाने के लिए फूड पैकेट का वितरण किया गया। इस अवसर पर सीडीओ डॉ मिहिरकान्त झा&comma; डीपीएस राजेश कुमार शर्मा&comma; डीईओ अमित कुमार&comma; सुनील कुमार शास्त्री&comma; राजनाथ झा&comma; श्वेता कुमारी सहित कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीज़ों को पौष्टिक आहार के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान&colon; सीडीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संचारी रोग पदाधिकारी डॉ मिहिरकान्त झा ने बताया कि<br &sol;>टीबी बीमारी से संक्रमित मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान लगातार छः महीने तक 500 सौ रुपये प्रत्येक महीने&nbsp&semi;प्रोत्साहन राशि भी देने का प्रावधान है। जो मरीजों को बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग या अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा निक्षय मित्र बन कर फूड पैकेट का वितरण किया जाता है। ताकि टीबी के मरीज़ों को खाने के लिए पौष्टिक आहार मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फूड पैकेट में मिले पौष्टिक आहार से जल्द ठीक हो रहे हैं टीबी मरीज़&colon; लाभार्थी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>पूर्णिया पूर्व के बेगमबाग पोखरिया गांव की 17 वर्षीय श्रद्धा कुमारी ने बताया कि जबसे टीबी बीमारी की जानकारी मिली à¤‰à¤¸ समय हमको बहुत ज्यादा कमजोरी होती थी। अब नियमित रूप से दवा का सेवन कर रही हूं तो पहले से  काफ़ी सुधार हुआ है। पौष्टिक आहार खाने के लिए टीबी नियंत्रण केंद्र के अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मुझे लगातार चार महीने से फूड पैकेट दिया जा रहा है। जिसको खाने के बाद जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की संभावना है। वहीं गुलाबबाग की पूनम कुंवर का कहना था कि उनका 16 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार चार महीने से बीमार है और उसे वह दवा नियमित रूप से खिला रही हैं। इसके अलावा टीबी मरीज़ के स्वस्थ्य होने में पौष्टिक आहार का अहम योगदान होता है। जिसका वितरण विभाग के द्वारा किया जाता हैं। बीमार होने के साथ सोनू को घूमने फिरने में काफ़ी दिक्कतें होती थी लेकिन अब चलने फिरने में कोई दिक्कत नहीं होती। पौष्टिक आहार खाने के बाद ही इस तरह से फायदा हुआ है।<&sol;p>&NewLine;

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