टीबी मुक्त अभियान : टीबी मरीजों में निक्षय मित्र द्वारा किया गया फूड पैकेट का वितरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव पहल की जा रही है&comma; जिससे कि देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाया जा सके। इस बाबत भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया चुका है। सरकार के टीबी मुक्त लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर हाल में पूरा किया जा रहा है। इसके लिए जिले में à¤Ÿà¥€à¤¬à¥€ ग्रसित मरीजों के बीमारी का इलाज़ एवं दवा सरकार के द्वारा बिल्कुल ही निःशुल्क दी जाती है। इसके लिए ग्रसित मरीजों को समय पर जांच और इलाज शुरू किया जा रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसीलिए लक्षण दिखते ही संबंधित मरीजों को जल्द से जल्द स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों या नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जांच करानी चाहिए और चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवा खाते हुए टीबी से सुरक्षित होना चाहिए। बुधवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल परिसर स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र के सभागार में निक्षय मित्र के द्वारा दर्जनों टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार खाने के लिए फूड पैकेट का वितरण किया गया। इस अवसर पर सीडीओ डॉ कृष्ण मोहन दास&comma; टीबी विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार&comma; शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूर्णिया कोर्ट के प्रभारी डॉ प्रतिभा कुमारी&comma; शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मधुबनी की चिकित्सक डॉ दीप्ति मिश्रा&comma; शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूर्णिया सिटी की डॉ मेहतलता जबी&comma; डीपीएस राजेश कुमार शर्मा&comma; सपोर्टिंग पार्टनर केएचपीटी के जिला समन्यवक मो मासूम रजा&comma; विद्या बिहार इंस्टीट्यूट के दुर्गश झा सहित जिला यक्ष्मा केंद्र के एसटीएस&comma; एसटीएलएस एवं सभी यक्ष्मा केंद्र कर्मी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान &colon; सीडीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि टीबी बीमारी से संक्रमित मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान लगातार छः महीने तक 500 सौ रुपये प्रत्येक महीने&nbsp&semi;प्रोत्साहन राशि भी देने का प्रावधान है। जो मरीजों को बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग या अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा निक्षय मित्र बन कर फूड पैकेट का वितरण किया जाता है। ताकि टीबी के मरीज़ों को खाने के लिए पौष्टिक आहार मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फूड पैकेट में मिले पौष्टिक आहार से जल्द ठीक हो रहे हैं टीबी मरीज &colon; डीपीएस<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीपीएस राजेश शर्मा ने बताया कि सभी ग्रसित मरीजों को टीबी ग्रसित होने पर बहुत ज्यादा कमजोरी होती है। जिला यक्ष्मा केंद्र से आवश्यक जांच और नियमित रूप से दवा का सेवन करने से मरीजों में पहले से बहुत सुधार हो रहा है। मरीजों को टीबी ग्रसित होने के दौरान पौष्टिक आहार खाने के लिए टीबी नियंत्रण केंद्र के अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा लगातार फूड पैकेट दिया जाता है जिसको खाने के बाद मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ्य हो रहे हैं। टीबी ग्रसित मरीजों का कहना है कि स्वस्थ्य होने में पौष्टिक आहार का अहम योगदान होता है। जिसका वितरण विभाग के द्वारा किया जाता हैं। बीमार होने पर ग्रसित मरीज को घूमने फिरने में काफी दिक्कतें होती थी लेकिन यक्ष्मा केंद्र से नियमित रूप से पौष्टिक आहार प्राप्त करते हुए उसका सेवन करने और आवश्यक दवाई खाने से अब चलने फिरने में कोई दिक्कत नहीं होती। आवश्यक दवाई और पौष्टिक आहार सेवन से बहुत जल्द टीबी को मात देकर स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन का लोग लाभ उठा सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;

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