टीबी मुक्त अभियान : टीबी मरीजों को किया गया फूड पैकेट का वितरण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong>  देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हरसंभव पहल की जा रही है। ताकि वर्ष 2025 तक देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाया जाए। इस बाबत भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया चुका है। सरकार के लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर हाल में पूरा करने का नियमित प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी ग्रसित मरीजों को बीमारी का इलाज एवं दवा स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में निक्षय मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो रही है। अब तक जिले के कई स्वास्थ्य अधिकारी और निजी चिकित्सक इस अभियान से जुड़ चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> उनके माध्यम से मरीजों को नियमित रूप से पोषाहार सहित अन्य मदद उपलब्ध करायी जा रही है। शुक्रवार को निक्षय मित्र की इसी कड़ी में शामिल डॉ देवी राम और डॉ अमरेंद्र झा द्वारा गोद लिये गये 26 मरीजों के बीच फूड पैकेट वितरित किया गया। इसमें डॉ देवी राम द्वारा 21 मरीजों को और डॉ अमरेंद्र झा द्वारा 05 मरीजों को फूड पैकेट्स वितरण किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास&comma; जीएमसीएच चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुधांशु कुमार&comma; जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला&comma; डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार&comma; जिला यक्ष्मा केंद्र के डीपीएस राजेश शर्मा&comma; राजनाथ झा&comma; तपन मिश्र&comma; उत्तम कुमार&comma; राकेश कुमार सिंह&comma; प्रशांत कुमार&comma; अमित कुमार सहित सभी यक्ष्मा कर्मी और टीबी चैंपियन उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि टीबी बीमारी से संक्रमित मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान लगातार छः महीने तक 500 सौ रुपये प्रत्येक महीने&nbsp&semi;प्रोत्साहन राशि भी देने का प्रावधान है। जो मरीजों को बैंक खाते में दी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग या अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा निक्षय मित्र बन कर फूड पैकेट का वितरण किया जाता है। ताकि टीबी के मरीज़ों को खाने के लिए पौष्टिक आहार मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फूड पैकेट में मिले पौष्टिक आहार से जल्द ठीक हो रहे हैं टीबी मरीज़ &colon; सीडीओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास ने बताया कि टीबी बीमारी होने से मरीजों को बहुत ज्यादा कमजोरी होती थी। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक से जांच करवाने और दवाई और पौष्टिक आहार का नियमित रूप से दवा का सेवन करने से लोग टीबी बीमारी को खत्म कर सकते हैं। टीबी नियंत्रण केंद्र के अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मरीजों को पौष्टिक आहार खाने के लिए लगातार फूड पैकेट दिया जाता है। जिसको खाने के बाद मरीजों के जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की संभावना होती है। टीबी मरीजों को इसके लिए समय पर जांच और इलाज शुरू कराना आवश्यक है। इसीलिए लक्षण दिखते ही संबंधित मरीजों को जल्द से जल्द स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों या नज़दीकी सरकारी अस्पतालों में जांच करानी चाहिए। चिकित्सीय परामर्श के अनुसार दवा खाने की जरूरत होती है। ऐसा करने से लोग टीबी बीमारी से ठीक होकर अपना जीवन आसान बना सकते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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