जलस्तर के बीच नाव से पढ़ने स्कूल जाने के लिए मजबूर छात्र

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बलिया&comma;  à¤¸à¤‚जय कुमार तिवारी<&sol;strong> &colon; बांसडीह तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर बढ़ने इलाकाई लोगों को मुश्किलें बढ़ गई है।घाघरा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है जिसके कारण दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हो गई है। भी सुलतानपुर गांव का एक पुरवा पोखरा है जहां लगभग सौ घर के करीब लोग बसे हुए है आज आलम यह है कि पोखरा घाघरा नदी के पानी से चारो तरफ से घिर गया है और यहां जाने के लिए एक मात्र नाव ही सहारा है यहां में मासूम बच्चे घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच नाव से पढ़ने के लिए स्कूल रोज जा रहे है।और दोपहर के बाद छुट्टी हों के बाद अपने घर नाव से आ रहे है जहां एक तरफ घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और उसी बीच ये मासूम बच्चे अपनी जान को जोखिम में डालकर पढ़ने जा रहे है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जरा गौर से देखिए इन मासूम बच्चो को नाव से उतर कर घाघरा नदी की तेज धार से होकर सड़क मार्ग से अपने घर जा रहे है। लेकिन नाव में मासूम बच्चो के लिए कोई सुरक्षा की व्यवस्था नही है।सवाल तो उठता है कि क्या मासूम बच्चो की जिंदगी से अधिकारी कही न कही खिलवाल कर रहे है।जब इन मासूम बच्चो से बात की गई तो आकाश साहनी का कहना है कि अभी मैं स्कूल से आ रहा हूं हम लोग बाढ़ के पानी से होकर आ रहे है हम लोगों को दिक्कत हो रही है और बहुत डर लग रहा है नाव से हम लोग आ रहे है नाव के बाद सड़क पर पानी आ गया है और वहां से पानी में हेलकर आ रहे है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कोई अधिकारी तक नही आ रहा है देखने के लिए की मासूम बच्चे कैसे पढ़ने के लिए जा रहे है नाव पर बच्चो के लिए कोई सुविधा दी जा रही है कि नही यह कोई देखने वाला नही है।वही संजना ने बताया कि हम सुलतानपुर पोखरा की रहने वाली हूं स्कूल से पढ़कर आ रही हूं एक माह से पानी आया है और एक माह से हम लोग नाव से स्कूल पढ़ने जा रहे है हम लोगों को बहुत परेशानी होती है कभी नाव मिलती है कभी नाव नही मिलती है कभी पढ़ाई छूट जाती है तो कभी पढ़ने चले जाते है स्कूल में टीचर बोलते है कि कल क्यों नही पढ़ने के लिए आई तो हम लोग बोलते है कि गांव के चारो तरफ पानी आ गया गया है नाव नही होने पर हम लोग पढ़ने नही आ पाते है पढ़ाई छूट जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाढ़ पीड़ित बच्चे अपनी जान को जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए जा रहे है वही अभिषेक राजभर ने बताया कि हम लोग स्कूल पढ़ने के लिए सुल्तानपुर चट्टी पर पढ़ने के लिए जाते है और ढाला से नाव से आते है और नाव से आने के बाद बाढ़ का पानी हेलकर घर आ रहे है नाव में हम लोगों को कोई व्यवस्था नही मिलती है।<&sol;p>&NewLine;

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