आगामी एमडीए अभियान के लिए रणनीति बनाने के लिए राज्य स्तरीय टीओटी का हुआ आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;mark><&sol;strong>&colon; &OpenCurlyDoubleQuote; जहाँ भी फ़ाइलेरिया के मरीज पाए जाते हैं वहां पर सघन निगरानी एवं नियमित अनुश्रवण की जरुरत है&period; हाइड्रोसिल के मरीजों की लाइन लिस्टिंग जरुरी है ताकि हमलोग मिशन मोड में हाइड्रोसिल के मरीजों की सर्जरी कर सकें&period; लाइन लिस्टिंग जिला एवं प्रखंड स्तर पर हो ताकि ऐसे मरीजों को चिन्हित कर उनकी सर्जरी की जा सके&period; पिछली बार के मुकाबले इस बार फ़रवरी के राउंड में हमारा एमडीए कवरेज बेहतर हुआ है&period; जहाँ मरीज ज्यादा पाए जाते हैं वहां अधिक मानव बल की व्यवस्था की जाये”&comma; उक्त बातें सचिव स्वास्थ्य सह कार्यपालक निदेशक&comma; राज्य स्वास्थ्य समिति&comma; बिहार संजय कुमार सिंह ने कही&period; कार्यपालक निदेशक आगामी एमडीए कार्यक्रम के लिए रणनीति तैयार करने के लिए राज्यस्तरीय टीओटी का उद्घाटन करते समय कही&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एमडीए की सफलता के लिए अन्तर्विभागीय सहयोग जरुरी&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सचिव स्वास्थ्य सह कार्यपालक निदेशक ने बताया कि एमडीए राउंड में दवा सेवन सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड स्तर तक मजबूत मॉनिटरिंग की जरुरत है&period; उन्होंने बताया कि एमडीए-राउंड की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा&period; उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर रोग है&period; फाइलेरिया के उपचार की तुलना में इसकी रोकथाम पर ध्यान देने की जरूरत है&period; एमडीए के जरिए ही फाइलेरिया की रोकथाम एवं उन्मूलन संभव है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दवा सेवन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष रणनीति पर जोर<&sol;strong>&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>बैठक के दौरान फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ&period; परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि एमडीए की सफलता के लिए सूक्ष्म कार्य-योजना एवं मॉनिटरिंग एवं सपोर्टिव सुपरविजन पर विशेष बल दिया जा रहा है&period; उन्होंने बताया कि राज्य के 14 जिलों अररिया&comma; भोजपुर&comma; बक्सर&comma; किशनगंज&comma; मधेपुरा&comma; मधुबनी&comma; पटना&comma; पुर्णिया&comma; रोहतास&comma; समस्तीपुर&comma; लखीसराय&comma; दरभंगा&comma; नालंदा एवं नवादा में 10 अगस्त से एमडीए अभियान चलाया जायेगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फ़ाइलेरिया उन्मूलन के लिए 2027 तक का है लक्ष्य&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>डॉ&period; वाई &period;पाठक&comma; राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; आशा सेल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक लक्ष्य निर्धारित किया है&period; प्रखंड स्तरीय नीति के अंतर्गत सभी प्रखंडों में आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण&comma; उनके साथ नियमित बैठक एवं प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों का आशाकर्मियों में सामंजस्य होना आवश्यक है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हर प्रखंड से लिए जायेंगे 300 स्लाइड &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>विश्व स्वास्थ्य संगठन के एनटीडी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ&period; राजेश पांडेय ने बताया कि प्रखंड स्तरीय नीति बनाने से ज्यादा से ज्यादा लक्षित आबादी को दवा खिलाने में सफलता मिलेगी&period; इसके लिए आवश्यक है कि पिछले एमडीए अभियान एवं नाईट ब्लड सर्वे का आंकलन कर रणनीति बनायीं जाये और सभी एकजुट होकर उसपर काम करें&period; नाईट ब्लड सर्वे के दौरान हर प्रखंड में दो साईट होंगे&comma; एक सेंटिनल एवं एक रैंडम साईट&period; हर प्रखंड से 300 सैंपल इकठ्ठा किये जायेंगे&period; इस दौरान राज्य द्वारा सभी जिलों के एनसीडी पदाधिकारीयों तथा सभी सहयोगी विभागों के प्रतिनिधियों को पिछले एमडीए अभियान के दौरान बेहतर काम करने ले लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><strong>सभी सहयोगी संस्थानों ने रखी अपनी बात&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>एमडीए राउंड में सहयोग कर रहे सभी विभागों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा हुयी&period; साथ ही सहयोगी संस्थाओं में शामिल विश्व स्वास्थ्य संगठन&comma; केयर इण्डिया&comma; पीसीआई&comma; जीएचएस एवं सीफ़ार ने एमडीए में अपने योगदान पर विस्तार से जानकारी दिया&period; इस दौरान अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी&comma; वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम डॉ अशोक कुमार&comma; फाइलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ&period; अनुज सिंह रावत एवं स्टेट फाइलेरिया ऑफिस से प्रभात&comma; बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से अमोल पाटिल&comma; एनवीबीडीसीपी के पूर्व पदाधिकारी वी&period;के&period;रैना&comma; पीसीआई के रणपाल&comma; केयर इण्डिया से टीम लीड विकास सिन्हा एवं स्टेट प्रोग्राम मेनेजर बासब रूज&comma; जी एच एस से अनुज घोष&comma; सीफ़ार से रणविजय कुमार सहित सभी जिलों के अधिकारी उपस्थित थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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