विकलांगजनों की राजनीतिक भागीदारी पर राज्य स्तरीय परामर्श सभा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> विकलांग अधिकार मंच बिहार और नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिसेबल्ड पीपल &lpar;NCPEDP&rpar; के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को राजधानी में एक दिवसीय राज्य स्तरीय परामर्श सभा का आयोजन किया गया। आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों की राजनीतिक भागीदारी को अधिकार&comma; सम्मान और समान अवसर के दृष्टिकोण से पुनर्परिभाषित करना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विकलांग अधिकार मंच बिहार के सचिव दीपक कुमार ने बताया कि आगामी बिहार विधान सभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जिलों से आए दिव्यांग प्रतिनिधि&comma; सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विकलांगजनों की राजनीति में भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सभा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश मतदान केंद्रों पर आज भी ब्रेल सुविधा&comma; रैम्प&comma; व्हीलचेयर और साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में दिव्यांग मतदाता मतदान से वंचित रह जाते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि राजनीति में सक्रिय भागीदारी की दिशा में दिव्यांगजनों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें राजनीतिक दलों द्वारा टिकट न मिलना&comma; घोषणापत्रों में उनकी उपेक्षा और शिक्षा&comma; स्वास्थ्य व रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव शामिल है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन समस्याओं के समाधान के लिए एक संयुक्त मांग-पत्र तैयार किया गया। इसमें प्रमुख माँगों में राज्य बजट में दिव्यांगजनों के लिए 1&percnt; आवंटन&comma; सभी भवनों व परिवहन को सुलभ बनाना&comma; विधानसभा से लेकर स्थानीय निकाय तक 5&percnt; आरक्षण&comma; ₹5&comma;000 मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन&comma; सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य बीमा योजनाएँ&comma; राज्य विकलांग आयोग का गठन&comma; भूमिहीन दिव्यांगों को 5 डिसमिल जमीन&comma; विकलांग लड़कियों को डिजिटल साक्षरता व स्मार्टफोन&comma; राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स अकादमी और तिपहिया मोटरसाइकिल पर अनुदान जैसी मांगें शामिल हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों—मनोज भारती&comma; प्रदेश अध्यक्ष&comma; जन सुराज पार्टी&comma; लोक जनशक्ति पार्टी &lpar;रामविलास&rpar; और अन्य नेताओं से इन मांगों को आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में प्राथमिकता से शामिल करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर अक्षय जैन &lpar;कार्यक्रम प्रबंधक&comma; NCPEDP&rpar;&comma; अकील उस्मानी&comma; खुशबू कुमारी&comma; अभिलाषा&comma; रंजीत कुमार&comma; रवि कुमार चौधरी और कृष्णा कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;

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